बाजार के दिग्गजों की बजट से उम्मीदें

बाजार के दिग्गजों को बजट से काफी उम्मीदें हैं। सभी का कहना है कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स हटाना बेहद जरूरी है।

अपडेटेड Jan 31, 2019 पर 4:40 PM

बाजार के दिग्गजों को बजट से काफी उम्मीदें हैं। सभी का कहना है कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स हटाना बेहद जरूरी है। इसके अलावा भी कुछ उम्मीदें हैं, आइए जानते हैं।

आनंद राठी फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन आनंद राठी का कहना है कि एलटीसी टैक्स हटना चाहिए और एसटीटी की दरें कम होनी चाहिए। डिलीवरी ट्रांजैक्शन में एसटीटी घटना चाहिए। एसटीटी घटने से बाजार में निवेश बढ़ेगा।

कोटक एएमसी के नीलेश शाह ने कहा कि चुनाव की वजह से ये बजट लोकलुभावन हो सकता है। सरकार को कल्याणकारी योजनाओं के लिए विनिवेश से पैसे जुटाने चाहिए। कल्याणकारी योजनाओं से वित्तीय घाटा नहीं बढ़ना चाहिए। सरकार को स्ट्रैटेजिक विनिवेश पर फोकस करना चाहिए। सरकार एनमी प्रॉपर्टी बेचकर भी पैसे जुटा सकती है।

नीलेश शाह का मानना है कि कर्ज माफी से किसानों की पूरा समस्या का समाधान नहीं होगा। किसानों को बाजार से व्यापक स्तर पर जोड़ने की जरूरत है। किसानों की हालत सुधारने के लिए सरकार को एग्रो प्रोसेसिंग इंडस्ट्री पर फोकस करना चाहिए।

वैल्यू रिसर्च के सीईओ धीरेंद्र कुमार का कहना है कि टैक्स में राहत मिलनी चाहिए। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स खत्म किया जाना चाहिए।

बजट से म्यूचुअल फंड्स की क्या उम्मीदें हैं, इस पर बात करते हुए सुंदरम म्यूचुअल के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सुनील सुब्रमणियम ने कहा कि बजट को लेकर बाजार में अनिश्चितता है। इस बजट में चुनाव पर फोकस हो सकता है। सुनील सुब्रमणियम का कहना है कि चुनाव की वजह से इंफ्रा बजट में कटौती हो सकती है। एलटीसीजी टैक्स हटना बाजार के लिए पॉजिटिव होगा।


बजट से बाजार की उम्मीदों पर बात करते हुए प्रभुदास लीलाधर के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर दिलीप भट्ट ने कहा कि इस बजट में बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। चुनाव के मद्देनजर लोकलुभावन घोषणाएं हो सकती हैं। सरकार को वित्तीय घाटे के लक्ष्य पर कायम रहना होगा। बजट में कृषि और एसएमई सेक्टर को राहत संभव है। बजट में ग्रामीण इलाकों पर फोकस होगा। कृषि, एसएमई पर आगे भी फोकस रहेगा।

आईकैन इंवेस्टमेंट एडवाइजर्स के चेयरमैन अनिल सिंघवी का कहना है कि अंतरिम बजट में बड़े एलान की उम्मीद नहीं है। बजट से वित्तीय घाटा नहीं बढ़ना चाहिए। वित्तीय घाटा 3.3 फीसदी पर बरकरार रखना चाहिए। 10 फीसदी एलटीसीजी टैक्स हटाना चाहिए। एलटीसीजी टैक्स बाजार के लिए निगेटिव है। आईएलएंडएफएस संकट से बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा घटा है। बैंकिंग की हालत उतनी खराब नहीं, जितना डर है। बैंकिंग पर भरोसा बढ़ाने के लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए।

एक्सिस बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट सौगता भट्टाचार्य का कहना है कि देश में निवेश बढ़ाने की जरूरत है। देश में निवेश फिर से रफ्तार पकड़ रहा है।निवेश की रफ्तार कायम रखने की जरूरत है।

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