Budget expectations: Budget 2023-24 में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ((AB PM-JAY) का विस्तार हो सकता है और इसमें मध्यवर्ग और सीनियर सिटिजन्स को भी शामिल किया जा सकता है। मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना के विस्तार का प्रस्ताव नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की तरफ से रखा गया है। इस विस्तार का लक्ष्य उन लोगों तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है जो समाज के नान-पुअर सेक्शन से आते हैं लेकिन उनके पास कोई हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है।
सितंबर 2018 में लॉन्च की गई थी AB PM-JAY
गौरतलब है कि AB PM-JAY सितंबर 2018 में लॉन्च की गई थी। इस लक्ष्य देश के लगभग 10.74 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवर प्रदान था। अब तक इस योजना में 14 करोड़ से अधिक परिवारों को शामिल किया गया है। जिसमें लगभग 72 करोड़ लोग शामिल हैं। ये 72 करोड़ देश की कुल आबादी को 60 फीसदी हैं।
देश में लगभग 30 फीसदी लोगों के पास कोई हेल्थ इंश्योरेंश नहीं
अक्टूबर 2021 में प्रकाशित नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में 25 करोड़ या आबादी के करीब 10 फीसदी लोगों के पास कोई न कोई प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंश है। ऐसे में देश में करीब 40 करोड़ या आबादी के लगभग 30 फीसदी लोगों के पास कोई हेल्थ इंश्योरेंश नहीं है।
बजट में हेल्थ पर होने वाले खर्च को बढ़ाये जाने की मांग
वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन बुधवार, 1 फरवरी 2023 को 11 बजे सुबह यूनियन बजट 2023-24 पेश करेंगी। बता दें कि देश में हेल्थ पर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा किया जाने वाला आबंटन उनके कुल खर्च का सिर्फ 1 फीसदी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आगामी बजट में हेल्थ पर होने वाले खर्च को बढ़ाया जाना चाहिए।
पब्लिक हेल्थ एक्टीविस्ट सुंदररमन का सुझाव है कि हेल्थ से संबंधित कोर प्रोग्रामों को मजबूती देने के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों (Ayushman Bharat Health and Wellness centres)पर होने वाले खर्च तेजी से वृद्धि करने की आवश्यकता है।