इंफ्रास्ट्रक्चर (INFRASTRUCTURE) को किसी भी इकोनॉमी की रीढ़ की हड्डी (BACKBONE)माना जाता है। इसी पर इकोनॉमी की रफ्तार निर्भर करती है। इसके निर्माण से ना सिर्फ रोजगार पैदा होते हैं, बल्कि कारोबार की राह भी आसान होती हैं और उद्योग-धंधों का विस्तार होता है। यही वजह है कि सरकार का फोकस रोड, पोर्ट, रेलवे जैसे इंफ्रा को और मजबूत बनाने पर रहा है। अब सवाल ये है कि क्या सरकार बजट में इंफ्रा खर्च और बढ़ाएगी। बजट में जो एलान होंगे, क्या वो इंफ्रा सेक्टर की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। कुछ ऐसे सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश हम यहां कर रहे हैं जिसमें हमारा साथ दे रहे हैं। कैपिटल गुड्स के एक्सपर्ट MS Unnikrishnan, CRISIL की डायरेक्टर Isha Chaudhary और Dilip Buildcon के रोहन सूर्यवंशी (Rohan Suryavanshi)।
इंफ्रा थोड़ा है बहुत जरूरत है
जानकारों का कहना है कि बजट में NIP पर फोकस बढ़ेगा। इसके बढ़ाने की जरूरत भी है। बता दें कि NIP यानि National Infrastructure Pipeline के तहत 2020-2025 तक 103 लाख करोड़ निवेश करने का लक्ष्य है। जनवरी 2021 तक 1741 प्रोजेक्ट पर कामकाज जारी है। NIP के तहत 7410 प्रोजेक्ट का लक्ष्य रखा गया है। इन 7410 प्रोजेक्ट की कुल लागत 1.8 ट्रिलियन डॉलर है।
इंफ्रा सेक्टर की उम्मीदें
सीएनबीसी-आवाज से मंच पर आए इन एक्सपर्ट्स का कहना है कि बजट में National Logistics Policy को मंजूरी मिलनी चाहिए। पिछले साल के मुकाबले NIP के लिए 15-20 फीसदी खर्च बढ़ना चाहिए। रोड कंस्ट्रक्शन को रफ्तार दी जानी चाहिए। रेलवे स्टेशनों के रीडेवलपमेंट में तेजी लाए जाने की जरूरत है। PPP मॉडल के तहत 150 से ज्यादा निजी ट्रेनों का रोडमैप तैयार है। UDAAN स्कीम के तहत 100 एयरपोर्ट को विकसित करने पर फोकस होना चाहिए।
इंफ्रा सेक्टर की चुनौतियां
देश में इंफ्रा पर भारी निवेश की जरूरत है। NIP के तहत प्रोजेक्ट फंडिंग बढ़ाने की जरूरत है। NIP प्रोजेक्ट के लिए बजट में आवंटन कम रहा है। निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। रेगुलेटरी दिक्कतें खत्म करना होगा। PPP मॉडल को और आकर्षक बनाना भी एक बड़ी चुनौती है। इंफ्रा की फंडिंग के लिए एक अलग इंस्टीट्यूशन होना चाहिए। सरकार को इंफ्रा पर खर्च बढ़ाना चाहिए। फंसे प्रोजेक्ट को पूरा करने पर भी जोर होना चाहिए।
बजट में इंफ्रा पर बढ़ेगा निवेश?
वित्त वर्ष 2021 में इंफ्रा सेक्टर पर 3.3 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, वित्त वर्ष 2022 में 4.12 लाख करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य है। वहीं, NIP के तहत सालाना 20 लाख करोड़ रुपए की जरूरत है। NIP के तहत इंफ्रा निवेश का लक्ष्य 2020-2025 तक के लिए कुल 103 लाख करोड़ रुपए का है वहीं, सलाना आधार पर इस पर 20 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य है। NIP के तहत (2025 तक) कुल प्रोजेक्ट 7410 हैं, इनकी कुल लागत 1.8 ट्रिलियन डॉलर है। इनमें 1741 पर काम चालू है।
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