चुनावों से ठीक पहले मोदी सरकार ने बजट के जरिए सबको साधने की पुरजोर कोशिश की है। बजट में किसानों मजदूरों और मिडिल क्लास के लिए तोहफे है। वित्तीय अनुशासन का संकल्प है। रियल एस्टेट सेक्टर को संजीवनी देने की कोशिश है। बजट से बाजार मोटे तौर पर खुश भी है। बाजार को मिडिल क्लास और किसानों के हाथों में पैसे आने से खपत बढ़ने की उम्मीद है।
यही वजह है कि आज ऑटो, कंजम्पशन और एफएमसीजी शेयर के बाजार में हीरो रहे। हलांकि एलटीसीजी, एसटीटी और कॉरपोरेट टैक्स पर कोई राहत ना मिलने की मायूसी भी है। ऐसे में सवाल ये है कि क्या बाजार एक बार फिर नया शिखर छूने के लिए तैयार है या अभी कई चिंताएं बाकी हैं। इन्हीं मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सीएनबीसी-आवाज के साथ हैं अबेकस एसेट मैनेजमेंट के सुनील सिंघानिया, क्रेस्ट कैपिटल के विक्रम कोटक और मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर के सौरभ मुखर्जी।
बजट में मध्यमवर्ग को आयकर में बड़ी राहत देते हुए इनकम टैक्स लिमिट बढ़ाने का एलान किया है, जिसके तहत अब आयकर छूट सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। कई और छूटों को मिलाकर इनकम टैक्स छूट 6.5 लाख तक होगी यानि अब 6.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
इसके अलावा अब तक मिलने वाले 40000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है। यहीं नहीं 40000 रुपये तक की ब्याज आय पर अब आपको कोई टीडीएस नहीं देना होगा। इसके साथ ही सालाना 2.40 लाख रुपये तक के हाउस रेंट (किराए पर) टीडीएस नहीं देना होगा। हालांकि टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मिडिल क्लास को टैक्स में मिली राहत से एचयूएल, डाबर, ब्रिटानिया, गोदरेज कंज्यूमर जैसे शेयरों को अच्छा फायदा मिलेगा। वहीं ऑटो सेक्टर में हीरोमोटो, टीवीएस मोटर्स, बजाज ऑटो औरमारुति सुजुकी जैसे शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है।
बजट में किसान सम्मान निधि योजना के लिए 75000 करोड़ रुपये का आबंटन किया गया है। पशु-पालन के लिए किसानों को किसान क्रेडिट पर 2 फीसदी ब्याज छूट मिलेगी। इसके लिए आपादा नुकसान पर 5 फीसदी ब्याज छूट मिलेगी। किसी मजदूर की अचानक मौत पर 6 लाख रुपये के मुआवजे का भी प्रावधान किया गया है।
किसानों को बजट में मिली राहत से यूपीएल, बेयर क्रॉप, पीआई इंडस्ट्रीज, मानसेंटो जैसे शेयरों को फायदा मिल सकता है। वहीं टैक्टर सेगमेंट में एमएंडएम, एस्कॉर्ट्स और वीएसटी टिलर्स को फायदा होगा।
कैपिटल गेन टैक्स नियमों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब 1 घर बेचकर 2 घर लेने पर कैपिटल गेन नहीं देना होगा। वित्त मंत्री ने बजट 2019 में बिल्डरों को भी बड़ी राहत दी है। सस्ते घर के लिए इनकम टैक्स छूट 1 साल के लिए बढ़ा दी गई है। इसके अलावा अनसोल्ड इन्वेट्री पर बिल्डर को 2 साल की टैक्स छूट मिलेगी।