Fertilizer subsidy - बजट में फर्टिलाइजर सब्सिडी में अब तक की सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। सीएनबीसी -आवाज़ के चीफ इकोनॉमिस्ट लक्ष्मण रॉय ने सूत्रों के हवाले से खबर देते हुए कहा है कि बजट में 2.25 लाख करोड़ फर्टिलाइजर सब्सिडी की सिफारिश की जा सकती है। बीते एक साल में इंपोर्टेड यूरिया की कीमतों में 135 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है जबकि DAP की कीमतों में 65 फीसदी बढ़ोतरी हुई है।
गैस की कीमतें बढ़ने से फर्टिलाइजर कंपनियों की लागत बढ़ी है। इसलिए सरकार कंपनियों को राहत देने के लिए सब्सिडी का ऐलान कर सकती है। सब्सिडी बढ़ाने के लिए फर्टिलाइजर मंत्रालय ने सलाह मांगी है। सूत्रों के मुताबिक अगले साल राजनीतिक तौर पर भी फर्टिलाइजर सेक्टर पर खास ध्यान रहने वाला है।
गौरतलब है कि देश में रबी फसल की बुआई का काम चल रहा है। वहीं, पिछले कुछ दिनों से कई राज्यों में खाद किल्लत की खबरें आ रही है। यह भी बताते चलें कि भारतीय कंपनियां विदेशों से खाद बनाने के लिए कच्चा माल खरीदती है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग की वजह से खाद की सप्लाई में कुछ समस्याएं आ रही है। साथ ही, गैस महंगी होने से भी कंपनियों की लागत बढ़ी है।
बता दें कि सीएनबीसी- टीवी18 के मुताबिक केंद्र सरकार हर साल उर्वरक सब्सिडी के लिए मोटी राशि खर्च करती है। लेकिन पिछले कुछ सालों के आकड़ों पर नजर डालें तो यह रुझान सरकार लिए थोड़ा चिंताजनक रहा है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान ही फर्टिलाइजर सब्सिडी हर साल एक नई ऊंचाई पर पहुंच गई यानी हर साल सरकार को सब्सिडी राशी बढ़ानी पड़ी। 2019 में मामूली 73,000 करोड़ रुपये से, यह संख्या दो साल में लगभग 55 फीसदी बढ़कर 2021 में 1.33 लाख करोड़ रुपये और फिर पिछले वित्त वर्ष में रिकॉर्ड 1.62 लाख करोड़ रुपये हो गई।
बता दें कि चालू कारोबारी साल में फर्टिलाइजर सब्सिडी 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने के आसार है।