Daily Voice: बजट में टैक्स के मोर्चे पर कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं, ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर बढ़ सकता है खर्च

2024 में होने वाले आम चुनावों से पहले का आखिरी बड़ा बजट होने के नाते सरकार 2023 के बजट में ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ा सकती है, जिसका अर्थव्यवस्था पर आगे पॉजिटिव प्रभाव पड़ सकता है

अपडेटेड Jan 12, 2023 पर 7:21 PM
रूपेन राजगुरू ने कहा कि भारत में इश्योरेंस सेक्टर के विकास के लिए अभी काफी व्यापक संभावनाएं हैं। इश्योरेंस शेयरों में लंबे नजरिए से निवेश करने की सलाह होगी

उम्मीद है कि साल 2023 कई बातों के ठंडे पड़ने के साल रहेगा। इस साल पूरी दुनिया में मंगाई और ग्रोथ दोनों में गिरावट देखने को मिल सकती है। मौद्रिक नीतियों के सामान्य स्थिति में बहाल होने और कोराना काल की कुछ दिक्कतों के कम होने का असर देखने को मिलेगा। ये बातें Julius Baer India के रूपेन राजगुरू ने मनीकंट्रोल से हुए एक बातचीत में कही हैं। उनका मानना है कि इस साल महंगाई दर में ग्रोथ रेट की तुलना में ज्यादा गिरावट देखने को मिलेगी। इस साल यूएस फेड ब्याज दरों में कटौती की शुरुआत कर सकता है। इससे इक्विटी मार्केट को सपोर्ट मिलेगा।

कैपिट मार्केट का 19 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले रूपेन राजगुरू की राय है कि भारत निवेश का एक पसंदीदा बाजार बना हुआ है। दुनिया को दूरे देशों की तुलना में बेहतर इकोनामिक ग्रोथ रेट और मजूबत अर्निंग साइकिल देश को एक बेहतर इनवेस्टमेंट डेस्टीनेशन बनाता है।

2023 में 4 थीम्स में कमाई के अच्छे मौके


रूपेन राजगुरू का मानना है कि 2023 में 4 थीम्स में कमाई के अच्छे मौके नजर आ रहे हैं। इनमें फाइनेंशियल, डोमोस्टिक मैन्यूफैक्चरिंग, रुरल रिकवरी और एस्पिरेशनल इंडिया शामिल। इन थीम्स से जुड़े शेयरों में 2023 में निवेश के अच्छे मौके बनेंगे।

टैक्स के मोर्चे पर बजट में कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं

क्या टैक्स के मोर्चे पर बजट में कोई राहत मिलने की उम्मीद है इस सवाल का जवाब देते हुए रूपेन राजगुरू ने कहा कि यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि वित्त मंत्री बजट में क्या घोषणा करेंगी, हालांकि ऐसा लगता नहीं है कि टैक्स के मोर्चे पर कोई बड़ा बदलाव करेंगी। विनिवेश से और दूसरे तरीकों से संसाधन जुटाने के मामले में तमाम चुनौतियां रही हैं। ऐसे में टैक्स में कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है।

ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर बढ़ सकता है खर्च

उन्होंने आगे कहा महंगाई में कमी और बेहतर कृषि उत्पादन के साथ ग्रामीण मांग में धीरे-धीरे सुधार आने की उम्मीद है। 2024 में होने वाले आम चुनावों से पहले का आखिरी बड़ा बजट होने के नाते सरकार 2023 के बजट में ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ा सकती है, जिसका अर्थव्यवस्था पर आगे पॉजिटिव प्रभाव पड़ सकता है।

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इश्योरेंस शेयरों में लंबे नजरिए से करें निवेश

क्या ये इंश्योरेंस सेक्टर में निवेश का सही समय है? इस सवाल का जवाब देते हुए रूपेन राजगुरू ने कहा कि भारत में इश्योरेंस सेक्टर के विकास के लिए अभी काफी व्यापक संभावनाएं हैं। इश्योरेंस शेयरों में लंबे नजरिए से निवेश करने की सलाह होगी।

कुछ और समय के लिए जारी रह सकता है उतार-चढ़ाव 

बाजार की चाल पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में बाजार में हल्का करेक्शन देखने को मिला है। लगता है कि बाजार में कुछ और समय के लिए उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि इस बीच हमें कमाई के मौके भी मिलेंगे। रूपेन के पसंदीदा सेक्टर में बीएफएसआई, इंडस्ट्रियल, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिस्क्रीशनरी खपत (ऑटो सहित) शामिल हैं। आईटी, हेल्थकेयर और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में भी रूपेन की धीरे-धीरे निवेश शुरू करने की सलाह है।

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