साल 2020 का बजट फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने पेश कर दिया है। उन्होंने इस बार के बजट में खपत और निवेश को बढ़ाने पर जोर दिया है। नेटवर्क18 के एडिटर-इन चीफ और मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल जोशी के साथ फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने विस्तार से खास बातचीत की।
फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट 2020 अर्थव्यवस्था में खपत और निवेश को को बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर रूपरेखा तैयार की गई है। सीतारमण ने कहा कि अर्थव्यवस्था में रिवाइवल के संकेत पहले से ही दिखाई दे रहे हैं। हाल ही में जारी किए गए डेटा भी रिवाइवल की ओर इशारा कर रहे हैं।
केंद्रीय बजट में बड़ी घोषणाओं की कमी के चलते बाजार में गिरावट देखी गई। इस पर उन्होंने कहा कि अभी आज यह पूरी तरह से सही नहीं था। इसलिए इन घोषणाओं के बाद निवेशक जब बजट को समझेंगे तो फिर सोमवार को इसमें सुधार होने की संभावना है। उन्होंने टैक्स में किए गए बदलाव पर कहा कि इन नए नियमों से काफी आसानी होगी। इसके आगे उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे गिरने से सरकार ने फिस्कल ईयर 2020 में 3.3 घाटे का लक्ष्य रखा था और यह 3.8 फीसदी पहुंच गया। यह खराब नहीं कहा जाएगा क्योंकि सरकार ने फाइनेंस को लेकर अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई है।
इंटरव्यू के दौरान फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य खपत में बढोतरी करना है और पब्लिक इन्वेस्टमेंट (Public Investment) में कोई कटौती न हो।
फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि सरकार देश में छाई आर्थिक सुस्ती को दूर करने के लिए कई जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने आगे कहा कि वित्तीय घाटे के चलते रेटिंग डाउनग्रेड होने की कोई संभावना नहीं है। NBFC सेक्टर में लिक्विडिटी के संकट को लेकर उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि NBFC सेक्टर में पर्याप्त लिक्विडिटी बनी रहे। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि NBFC सेक्टर में लिक्विडटी की कमी को हमने कभी नजरअंदाज नहीं किया है।
कॉरेपोरेट टैक्स में कटौती किए जाने पर उन्होंने कहा कि इससे निवेश में तेजी आएगी। साथ ही Investment Facilitation Center खोले जा रहे हैं, जिससे सॉवरेन फंड्स (Sovereign Funds) के जरिए देश में पूंजी बनी रहे।