India Budget 2024 : सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए PLI स्कीम शुरू की थी। इस स्कीम के अच्छे नतीजे मिले हैं। जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी बढ़ी है। मैन्युफैक्चरिंग में निवेश बढ़ रहा है। इस स्कीम की बदौलत 14 प्रमुख सेक्टर में सितंबर 2023 तक 95,000 करोड़ रुपये का निवेश आया है। उम्मीद है कि सरकार अंतरिम बजट (Interim Budget 2024) में पीएलआई स्कीम को अट्रैक्टिव बनाने का ऐलान करेगी। वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगी। यह अंतरिम बजट होगा। लेकिन, एक्सपर्ट्स का मानना है कि लोकसभा चुनावों को देखते हुए सरकार पीएलआई स्कीम के फा्यदों के बारे में बजट में विस्तार से बताएगी। वित्तमंत्री पीएलआई स्कीम के जरिए इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने का रोडमैप भी बजट में पेश कर सकती हैं।
Budget 2024: PLI Scheme की लिस्ट बढ़ेगी?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को ग्लोबल डिमांड को देखते हुए कुछ नए सेक्टर्स को पीएलआई स्कीम के दायरे में लाने की जरूरत है। इससे एक तरफ निवेश बढ़ेगा जिससे नौकरियों के मौके पैदा होंगे तो दूसरी तरफ निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। अभी पीएलआई स्कीम के तहत 14 सेक्टर आते हैं। इस लिस्ट को बढ़ाकर 20 करने की जरूरत है। ऑटो, फार्मा और मेडिकल डिवाइसेज से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए इनसेंटिव बढ़ाने की जरूरत है। सरकार को इस स्कीम के तहत उन कंपनियों को ज्यादा इंसेटिंव देने की जरूरत है जो देश के औद्योगिक रूप से पिछड़े इलाकों में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाती हैं।
Budget 2024: PLI Scheme से इलेक्ट्रॉनिक्स आयात पर निर्भरता घटेगी?
सरकार ने पीएलआई स्कीम के तहत पिछले साल मार्च तक 2,900 करोड़ रुपये का इनसेंटिव कंपनियों को दिया था। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की कंपनियों को 1,000 करोड़ रुपये के डिसबर्समेंट के लिए एमपावर्ड कमेटी की इजाजत मिल चुकी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में पीएलआई स्कीम बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट्स के लिए आयात पर हमारी निर्भरता घटेगी।
Budget 2024: PLI Scheme का आवंटन कितना है?
PLI स्कीम की शुरुआत मार्च 2020 में हुई थी। अभी टेलीकॉम, व्हाइट गुड्स, टेक्सटाइल्स, मेडिकल डिवाइसेज, ऑटोमोबाइल्स, स्पेशियलिटी स्टील, फूड प्रोडक्ट्स, हाई एफिशियंसी सोलर पीवी मॉड्यूल्स, एडवान्स केमिकल सेल बैटरी, ड्रोन और फार्म सहित कुल 14 सेक्टर इसके तहत आते हैं। इस स्कीम के लिए सरकार ने 1.97 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है।