आम बजट सरकार के खर्च और कमाई का लेखा-जोखा होता है। बजट में पहले सरकार के खर्च को दो श्रेणियों में बांटा जाता था। योजनागत खर्च (Plan expenditure) और गैर- योजनागत खर्च (Non-Plan expenditure), लेकिन वर्ष 2017 में सरकार के खर्च के इस वर्गीकरण को समाप्त कर दिया गया। वित्त मंत्रालय ने सरकारी योजनाओं पर एकसमान पैसा खर्च करने का फैसला किया। जिसकी वजह से वर्गीकरण को समाप्त किया गया। पहले बजट में ज्यादा जोर प्लान्ड एक्सपेंडिचर पर होता था और योजनाओं के रखरखाव और उसके सुचारू तरीके से चलाने के लिये इस्तेमाल होने वाले नॉन-प्लान्ड एक्सपेंडिचर की उपेक्षा होती थी। इस वजह से सरकार ने इसे खत्म कर इसका नाम कैपिटल स्पेंडिंग (Capital spending) और रेवेन्यू स्पेंडिग (Revenue Spending) कर दिया।

क्या होता है Plan expenditure

एक्सपेंडिचर बजट में केंद्र सरकार की योजनाओं पर होने वाले खर्च के साथ केंद्र सरकार द्वारा राज्यों और केंद्रीय शासित प्रदेशों को एलॉट किए जाने वाले फंड का लेखा-जोखा होता है। बजट की तरह इसे भी राजस्व (Revenue) और पूंजी में विभाजित किया जाता है। वहीं, प्लान एक्सपेंडिचर यानी योजनागत व्यय सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और नीति आयोग द्वारा मिलकर बनाया जाता है। इसमें मोटे तौर पर वे सभी खर्च आते हैं जो विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर किया जाता है। इसमें मंत्रालयों और विभागों को एक निश्चित राशि आवंटित की जाती है। यह सरकार द्वारा खर्च की जाने वाली राशि का सबसे बड़ा हिस्सा होता है।

Non-Plan expenditure का मतलब

गैर-योजनागत व्यय यानी Non-Plan expenditure के दो हिस्से होते हैं। गैर-योजनागत राजस्व व्यय (Non-Planned Revenue expenditure) और गैर योजनागत पूंजीगत व्यय (Non-Planned capital expenditure)। गैर-योजनागत राजस्व व्यय में जो खर्त आते हैं जो सरकार द्वारा लिए गए लोन पर ब्याज देने, लोगों को सब्सिडी देने, सरकारी कर्मचारियों को सैलरी देने के साथ राज्य सरकारों को अनुदान, विदेशी सरकारों को दिए जाने वाले अनुदान आदि में खर्च किया जाता है। वहीं, गैर-योजनागत पूंजीगत व्यय में डिफेंस, पब्लिक इंटरप्राइजेज को दिया जाने वाला लोन, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और विदेशी सरकारों को दिया जाने वाला लोन शामिल होता है।

कैपिटल स्पेंडिंग क्या है

कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) यानी पूंजीगत व्यय सरकार द्वारा किया जाने वाला वह खर्च है, जो भविष्य के लिए लाभ का सृजन करता है। Capital Spending का इस्तेमाल संपत्तियां (Assets) या इक्विपमेंट (Equipment) आदि खरीदने के लिए किया जाता है। साथ ही विभिन्न इक्विपमेंट के अपग्रेडेशन के लिए भी इसका उपयोग होता है।

रेवेन्यू स्पेंडिंग क्या है

वहीं, सरकार के रेवेन्यू अकाउंट से खर्च होने वाली राशि को रेवेन्यू एक्सपेंडिचर (Revenue Spending) कहते हैं। इसमें सरकार के रोजमर्रा के खर्च शामिल होते हैं। जैसे कर्मचारियों की सैलरी, मंत्रालयों और विभागों का बिजली, पानी आदि का बिल, स्टेशनरी, कम्प्यूटर पर किया जाने वाला खर्च आदि। वहीं, किसी सरकार द्वारा व्यक्तियों या समूहों को नकदी या कर से छूट के रूप में दिया जाने वाला लाभ सब्सिडी कहलाता है।

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