प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश के बड़े इकोनॉमिस्ट के साथ बैठक शुरू, जानें किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इकोनॉमिस्ट के साथ बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में बजट से पहले पीएम इकोनॉमिस्ट्स की राय और सुझाव ले रहे हैं। बजट में ग्रोथ बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही देश में रोजगार बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हो सकती है

अपडेटेड Jan 13, 2023 पर 2:48 PM
इस बैठक में देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति का आकलन होगा। जबकि देश के सामने मौजूदा या आनेवाली चुनौतियों का भी आकलन हो सकता है

Budget Session 2023: बजट सत्र (budget session) की तैयारी शुरू हो गई है। अगले महीने की पहली तारीख यानी कि 1 फरवरी को देश का इस साल का बहुप्रतिक्षित बजट पेश होगा। बजट पेश होने के बाद भी बजट सत्र आगे चलता रहेगा। अबकी बार का बजट सत्र 6 अप्रैल तक चलेगा। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने जानकारी दी है। वहीं आज बजट से पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की देश के बड़े इकोनॉमिस्ट के साथ बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में PM बजट से पहले राय, सुझाव ले रहे हैं। इसमें कई मुद्दों पर पीएम के सामने सुझाव प्रस्तुत हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक इसमें ग्रोथ से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।

सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने इस खबर पर ज्यादा डिटेल बताते हुए कहा कि आज PM-इकोनॉमिस्ट बैठक शुरू हो गई है। इसमें नीति आयोग में बड़े इकोनॉमिस्ट्स से PM की बैठक शुरू है। इस बैठक में बजट से पहले प्रधामंत्री इकोनॉमिस्ट्स की राय, सुझाव ले रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक बजट में ग्रोथ बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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इसके अलावा देश में रोजगार बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा मुमकिन है। देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति का आकलन होगा। इसके साथ ही मौजूदा और आनेवाली चुनौतियों का भी आकलन होगा। लक्ष्मण ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के सदस्य अशोक लाहिड़ी बैठक में शामिल हैं। इनके अलावा इस बैठक में

सुरजीत भल्ला, आशीमा गोयल, शशांक भिडे भी शामिल हैं। सौम्य कांति घोष, प्रो. संकेत महापत्रा भी बैठक में शामिल हैं।

लक्ष्मण ने आगे कहा कि वैसे तो आमतौर पर हर बजट से पहले पीएम की अर्थशास्त्रियों के साथ बैठक होती है। लेकिन अबकी बार का माहौल अलग है। इसकी वजह ये है कि ये मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब पूरा दुनिया के देशों में अर्थव्यवस्था का हाल ठीक नहीं है। कहीं मंदी के संकेत मिल रहे हैं तो कहीं चर्चा हो रही है कि मंदी आयेगी कि नहीं आयेगी।

इस सब के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ डटी हुई है। इसलिए भारतीय अर्थव्यवस्था को और कैसे रफ्तार दी जाये। भारतीय इकोनॉमी की इस माहौल में कैसे और अच्छे से सुधारा जाये ताकि हम ग्लोबल ट्रेड में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकें। एक्सपोर्ट बढ़ा सकें इस पर चर्चा हो सकती है।

 

 

 

 

 

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