Union Budget 2023: इस साल (2022) मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) के तहत उठाए गए कदमों की बड़ी कीमत ग्लोबल इकोनॉमी (Global Economy) को चुकानी पड़ेगी। RBI की मासिक बुलेटिन में यह अनुमान जताया गया है। यह बुलेटिन 20 दिसंबर को जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि उभरते देश ज्यादा कमजोर स्थिति में दिख रहे हैं। उन्हें सुस्त पड़ती ग्रोथ, हाई इनफ्लेशन के साथ ही करेंसी में कमजोरी और विदेशी मुद्रा बाहर जाने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। दुनियाभर में केंद्रीय बैंक इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ा रहे हैं। RBI का बुलेटिन हर महीने आता है। इसमें इंडिया और विदेश की इकोनॉमिक ग्रोथ के बारे में अहम जानकारियां शामिल होती हैं। इसमें कहा गया है कि अमेरिकी डॉलर में मजबूती और डिफॉल्ट रेट बढ़ने से कर्ज को लेकर दबाव बढ़ रहा है।
