Union Budget 2023: गवर्नमेंट एंप्लॉयीज की मिनिमम सैलरी बजट के बाद बढ़ सकती है

Union Budget 2023: फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने से सरकारी एंप्लॉयीज की मिनिमम सैलरी बढ़ जाएगी। अभी यह 18,000 रुपये है। बढ़ने के बाद यह 26,000 रुपये हो जाएगी। सरकारी एंप्लॉयीज की सैलरी बढ़ाने के लिए फिटमेंट फैक्टर बहुत अहम है। यह एक कॉमन वैल्यू है, जिसका इस्तेमाल एंप्लॉयीज की कुल सैलरी तय करने के लिए होता है

अपडेटेड Jan 15, 2023 पर 5:58 PM
डियरनेस अलाउन्स (DA) और डियरनेस रिलीफ (DR) में साल में दो बार संशोधन होता है। ये 1 जनवरी और 1 जुलाई से प्रभावी होते हैं। अंतिम बार बढ़ोतरी सितंबर में हुई थी।

Union Budget 2023: यूनियन बजट 2023 (Budget 2023) के बाद सरकारी कर्मचारियों की सैलरी के फिटमेंट फैक्टर में संशोधन हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स में इस बारे में कहा गया है। फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने से सरकारी कंपनियों को मिनिमम सैलरी बढ़कर 26,000 रुपये हो जाएगी। अभी यह 18,000 रुपये है। फिटमेंट फैक्टर एक कॉमन वैल्यू है, जिसका इस्तेमाल एंप्लॉयीज की कुल सैलरी तय करने के लिए होता है। कुल सैलरी कैलकुलेट करने के लिए इसे बैसिक सैलरी से मल्टीप्लाई किया जाता है। अभी कॉमन फिटमेंट फैक्टर 2.57 फीसदी है। इसका मतलब यह है कि अगर 4200 ग्रेड पे में किसी एंप्लॉयी का बेसिक पे 15,500 रुपये है तो उसका टोटल पे Rs 15,500×2.57 यानी 39,835 रुपये होगा। छठे सीपीसी (CPC) ने 1.86 फिटमेंट रेशियो की सिफारिश की थी।

फिटमेंट फैक्टर 3.68 करने की मांग

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंप्लॉयीज फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को बढ़ाकर 3.68 करने की मांग कर रहे हैं। इसे बढ़ाने से मिनिमम पे 18,000 रुपये से बढ़कर 26,000 रुपये हो जाएगा। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि 7वें पे कमीशन के तहत केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज का महंगाई भत्ता मार्च 2023 में बढ़ने की उम्मीद है। यह 1 जनवरी से प्रभावी होगा। सरकार पेंशनर्स का डियरनेस रिलीफ भी बढ़ाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकारी कर्मचारियों को 18 महीने का महंगाई भत्ता भी मिल सकता है।


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डीए और डीआर में सालाना दो बार होता है संशोधन

डियरनेस अलाउन्स (DA) और डियरनेस रिलीफ (DR) में साल में दो बार संशोधन होता है। ये 1 जनवरी और 1 जुलाई से प्रभावी होते हैं। अंतिम बार बढ़ोतरी सितंबर में हुई थी। इसका फायदा केंद्र सरकार के 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को मिला था। तब डीए 4 फीसदी बढ़ने के बाद 38 फीसदी हो गया था। इससे पहले सरकार ने मार्च में 3 फीसदी डीए बढ़ाया था, जिसके बाद यह 34 फीसदी हो गया था।

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इनफ्लेशन रेट के आधार पर बढ़ता है डीए

सरकार इनफ्लेशन रेट के आधार पर डीए बढ़ाने का फैसला करती है। इनफ्लेशन ज्यादा होने पर डीए में ज्यादा वृद्धि की उम्मीद होती है। पिछले कुछ समय से रिटेल इनफ्लेशन RBI की 2-6 फीसदी की टारगेट रेंज से ज्यादा बना हुआ था। इससे सरकार डीए में ज्यादा बढ़ोतरी कर सकती है। डीए और डीआर में बढ़ोतरी ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 12 महीने की औसत वृद्धि के आधार पर होती है।

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