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Union Budget 2023: इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को सस्ता करने के लिए बजट में उपायों का ऐलान कर सकती हैं निर्मला सीतारमण

Union Budget 2023: बीमा कंपनियों का कहना है कि सरकार को आबादी के बड़े हिस्से तक बीमा उत्पादों को पहुंचाने के लिए कदम उठाने चाहिए। अभी इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स का प्रीमियम काफी ज्यादा है। उन्हें सस्ता बनाने के लिए उन पर GST में कमी की जा सकती है

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 15, 2023 पर 3:56 PM
Union Budget 2023: इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को सस्ता करने के लिए बजट में उपायों का ऐलान कर सकती हैं निर्मला सीतारमण
सरकार को उन कंपनियों के लिए इनसेंटिव का ऐलान करना चाहिए जो इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए निवेश करती हैं। इससे वे अपने प्रोडक्ट्स की जानकारी देश के दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित होंगी, जहां इसकी बहुत जरूरत है।

Union Budget 2023: यूनियन बजट 2023 (Budget 2023) में सरकार आबादी के बड़े हिस्से को इंश्योरेंस के दायरे में लाने की कोशिश कर सकती है। इसके लिए इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को सस्ता बनाने की जरूरत है। टर्म और हेल्थ पॉलिसी का प्रीमियम कम होने पर ज्यादा लोग इन्हें खरीदने में दिलचस्पी दिखाएंगे। इंडिया में अभी आबादा के बड़े हिस्से की पहुंच बीमा उत्पादों तक नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पर GST में कमी कर सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी।

अभी 18 फीसदी लगता है GST

Niva Bupa Health Insurance के सीईओ और एमडी कृष्णन रामचंद्रन ने कहा कि मेडिकल इनफ्लेशन बढ़ने से हेल्थ पॉलिसीज का प्रीमियम काफी बढ़ गया है। इससे आम लोगों को हेल्थ पॉलिसी खरीदने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को हेल्थ पॉलिसी की कीमतों में कमी लाने के उपाय करने की जरूरत है। इंश्योरेंस कंपनियों का कहना है कि सरकार को हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर जीएसटी रेट में कमी करनी चाहिए। अभी इस पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है।

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