Union Budget 2023: क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स के नियमों को लेकर उलझन दूर करेंगी फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण

Union Budget 2023: Crypto पर टैक्स कैलकुलेशन को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स भी सैकड़ों और हजारों ट्रांजेक्शन को नहीं संभाल सकते। कई ऐसे CAs हैं, जो इनवेस्टर्स से सभी बैंक स्टेटमेंट्स मांगते हैं। कुछ मामलों में तो सीए ने क्रिप्टो इनवेस्टर्स से उनके क्रिप्टो टैक्सेज को फाइल करने के लिए एक लाख रुपये तक मांगे हैं

अपडेटेड Dec 17, 2022 पर 3:39 PM
इनकम टैक्स रिटर्न में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से इनकम के लिए तीन सेक्शन हैं। एक कैपिटल गेंस के लिए है। दूसरा बिजनेस इनकम के लिए है। तीसरा स्पेशल इनकम के लिए है। किस ट्रांजेक्शन को किस कैटेगरी के तहत रखना है, इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है।

Union Budget 2023: क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) के निवेशकों को इस बार फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के बजट से बहुत उम्मीदें हैं। दरअसल, पिछले बजट में फाइनेंस मिनिस्टर ने क्रिप्टो पर टैक्स लगाया था। क्रिप्टो से जुड़े हर ट्रांजेक्शन पर टीडीएस (TDS on Crypto transactions) लागू कर दिया गया है। क्रिप्टो में निवेश से होने वाले मुनाफे पर लगा दिया गया है। लेकिन, इनवेस्टर्स टैक्स के नियमों को लेकर उलझन में हैं। एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि टैक्स के कैलकुलेशन को लेकर कुछ मसले हैं। उन्होंने इनवेस्टर्स को सतर्क किया है कि चूंकि क्रिप्टो एसेट पर हुए मुनाफे को दूसरे एसेट पर हुए लॉस के साथ ऑफसेट नहीं किया जा सकता, जिससे इनवेस्टर्स को यह समझ लेना होगा कि उन्हें प्रॉफिट पर 30 फीसदी की दर से टैक्स चुकाना होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में क्रिप्टो पर टैक्स के नियमों को तस्वीर साफ कर सकती हैं।

सैकड़ों-हजारों ट्रांजेक्शन संभालन CAs के लिए भी मुमकिन नहीं

TaxCryp के फाउंडर इंदी सरकार ने कहा कि टैक्स कैलकुलेशन को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। क्रिप्टो इनवेस्टर्स से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सैकड़ों और हजारों ट्रांजेक्शन को नहीं संभाल सकेंगे। कई ऐसे CAs हैं, जो इनवेस्टर्स से सभी बैंक स्टेटमेंट्स मांगते हैं। कुछ मामलों में तो सीए ने क्रिप्टो इनवेस्टर्स से उनके क्रिप्टो टैक्सेज को फाइल करने के लिए एक लाख रुपये तक मांगे हैं।


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ITR में वीडीएस इनकम के लिए तीन सेक्शन

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बारे में भी तस्वीर साफ नहीं है कि अलग-अलग तरह के क्रिप्टो ट्रांजेक्शन को लेकर टैक्स के कौन-कौन से नियम लागू होंगे। इनकम टैक्स रिटर्न में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से इनकम के लिए तीन सेक्शन हैं। एक कैपिटल गेंस के लिए है। दूसरा बिजनेस इनकम के लिए है। तीसरा स्पेशल इनकम के लिए है। किस ट्रांजेक्शन को किस कैटेगरी के तहत रखना है, इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है। उदाहरण के लिए क्रिप्टो एयरड्रॉप्स पर टैक्स के नियम क्या होंगे, इस बारे में उलझन की स्थिति नहीं है। एयरड्रॉप्स का मतलब इंडिविजुअल के वॉलेट में टोकन भेजने से है। इस फ्री या छोटी प्रमोशनल सर्विस के एवज में भेजा जाता है।

इंटरनेशनल एक्सचेंज पर ट्रेडिंग को लेकर टैक्स के नियम स्पष्ट नहीं

kOINx के फाउंडर पुनीत अग्रवाल ने कहा कि लोग यह समझते हैं कि इंटरनेशनल एक्सचेंजों पर होने वाले ट्रांजेक्शन पर टीडीएस नहीं लगता है। लेकिन, सरकार के टैक्स के नियमों में इस बारे कुछ खास नहीं कहा गया है। यह नहीं बताया गया है कि अगर कोई व्यक्ति इंटरनेशनल एक्सचेंज पर ट्रेडिंग करता है तो उस ट्रांजेक्शन के लिए टीडीएस के नियम क्या होंगे। इसके अलावा टैक्सेज के कंप्यूटिंग और कैलकुलेशन को लेकर भी मसले स्पष्ट नहीं हैं।

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