Budget 2024: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 1 फरवरी, 2023 को पेश बजट में टैक्सपेयर्स को एक बड़ी राहत दी थी। उन्होंने प्राइवेट एंप्लॉयीज के लीव इनकैशमेंट (Leave Encashment) पर टैक्स छूट की लिमिट 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी थी। उन्होंने कहा था कि अंतिम बार साल 2002 में लीव इनकैशमेंट पर टैक्स एग्जेम्प्शन की लिमिट 3 लाख रुपये तय की गई थी। यह नॉन-गवर्नमेंट सैलरीड एंप्लॉयीज के लिए थी। उन्होंने कहा था कि तब से सैलरी में काफी वृद्धि हुई है। इसलिए इस लिमिट को बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का फैसला किया गया है।
नौकरी करने वाले व्यक्ति (Salaried Person) को हर साल कुछ पेड लीव मिलती है। लेकिन, जरूरी नहीं कि एंप्लॉयी हर साल मिलने वाली इस लीव का पूरा इस्तेमाल करे। उसे इस्तेमाल नहीं की गई लीव को कैरी-फॉरवर्ड करने की सुविधा मिलती है। इससे धीरे-धीरे उसके पास बड़ी संख्या में ऐसी लीव इकट्ठी हो जाती है। इसका इस्तेमाल वह रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने के वक्त करता है। कंपनी इस्तेमाल नहीं की गई पेड लीव के एवज में उसे पैसे का भुगतान करती है। इस कॉन्सेप्ट को लीव इनकैशमेंट कहा जाता है।
यह भी पढ़ें : Union Budget 2024 : बजट 2023 में लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने वालों को लगा था झटका
आपको यहां एक बात समझने की जरूरत है कि लीव इनकैशमेंट अमाउंट पर टैक्स छूट की 25 लाख रुपये सीमा तभी लागू होती है जब आप नौकरी से रिटायर होते हैं या नौकरी से इस्तीफा दे देते हैं। अगर आप नौकरी में है और इस दौरान कंपनी आपके लीव अकाउंट में जमा लीव को इनकैश करती है तो उस पर टैक्स लगेगा।