Union Budget 2024:  बही खाते से लेकर हलवा सेरेमनी, जानिए बजट से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स

इस साल पेश हो रहे अंतरिम बजट को लेकर सभी में काफी ज्यादा उत्साह है। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय वित्तमंत्री क्या घोषणाएं करेंगी इस पर सभी की नजर टिकी रहेगी। आइए बजट से जुड़े कुछ ऐतिहासिक और दिलचस्प फैक्ट्स पर एक नजर डालते हैं-

अपडेटेड Feb 01, 2024 पर 11:16 AM
निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट पेश करेंगी और रखेंगी 2024 लोकसभा चुनाव की नींव

1 फरवरी 2024 को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) सुबह 11 बजे अंतरिम बजट पेश करेंगे। निर्मला सीतारमण का ये छठा बजट (Union Budget) होगा। इसके साथ ही भाजपा लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) को जीतने की तैयारी में जुट जाएगी। भाजपा (BJP Budget) तीसरी बार अपनी सरकार बनाने को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है। ऐसे में ये बजट भारत के लिए क्या नए तोहफे लेकर आता है-

बजट भाषण के साथ आए बताते हैं बजट से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स-

1947 में भारत की आजादी के बाद पहले वित्त मंत्री आरके शणमुखम चेट्टी ने भारत का पहला अंतरिम बजट पेश किया। यह ऐतिहासिक कदम खाद्यान्न की कमी, बढ़ते आयात जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बेस्ड था।

ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ काम करने वाले स्कॉटिश अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन ने ब्रिटिश काल के दौरान 1860 में भारत का पहला अंतरिम बजट पेश किया था।

2016 तक बजट फरवरी के आखिर में एक वर्किंग डे पर पेश किया जाता था।

2001 में वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने औपनिवेशिक परंपरा को तोड़ते हुए बजट घोषणा का समय शाम 5:00 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया। पेपरलेस बजट की ओर कदम ने 2021 में एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव को चिह्नित किया।


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020 में भारत के इतिहास का सबसे लंबा भाषण दिया। इस भाषण की समयसीमा दो घंटे 42 मिनट थी। हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम सबसे ज्यादा वर्ड काउंट वाले भाषण का रिकॉर्ड है।

निर्मला सीतारमण ने 2019 में पारंपरिक ब्रीफकेस को 'बही खाता' में बदला दिया। 2021-22 में एक डिजिटल टैबलेट पर पेपरलेस बजट भी केंद्रीय वित्तमंत्री के द्वारा प्रस्तुत किया गया था।

बजट प्रस्तुति से पहले होने वाला 'हलवा समारोह' बजट की प्रीटिंग प्रोसेस की शुरुआत का प्रतीक है। इसमें मंत्रालय के कर्मचारी गोपनीयता बनाए रखने के लिए एक सप्ताह से अधिक समय तक अलगाव में काम करते हैं। बजट गोपनीयता बनाए रखने के लिए यह परंपरा चली आ रही है।

पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम सबसे ज्यादा कुल दस बजट पेश करने का रिकॉर्ड है। हालांकि, आगामी अंतरिम बजट के बाद निर्मला सीतारमण सबसे ज्यादा बार केंद्रीय बजट पेश करने वाली मंत्री बन जाएंगी।

1950 में कड़े सुरक्षा उपायों के बावजूद वित्त मंत्री जॉन मथाई के कार्यकाल के दौरान केंद्रीय बजट लीक हो गया था। 1955-56 में बजट अंग्रेजी और हिंदी दोनों में प्रिंट किया जाने लगा।

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बजट भाषण के बाद, वित्त मंत्री राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति की मंजूरी मांगते हैं। यह परंपरा वर्षों से कायम है। बजट के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री, वित्त राज्य मंत्री, वित्त सचिव और अन्य वित्त मंत्रालय के सचिव शामिल होते हैं। बजटीय घोषणाओं पर चर्चा करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।

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