Union Budget 2024 : सड़क परिवहन मंत्रालय ने FY25 में बजट आवंटन 25 फीसदी बढ़ाने की मांग की

इस वित्त वर्ष में एनएचएआई की तरफ से जुटाया गया कर्ज 1 लाख करोड़ रुपये से कम रहने का अनुमान है। यह लगातार दूसरा साल है जब NHAI का कर्ज 1 लाख करोड़ रुपये से कम रहेगा। वित्त वर्ष 2024-25 में भी एनएचएआई का कर्ज कम रहने की उम्मीद है। पिछले कुछ सालों में एनएचएआई को सड़क से जुड़ी ढांचागत बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए बाजार से काफी कर्ज लेना पड़ा था

अपडेटेड Dec 05, 2023 पर 1:24 PM
सड़क परिवहन मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 में 2.59 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च आवंटन का 90 फीसदी हिस्सा दिसंबर तक खर्च करने का प्लान बनाया था। लेकिन, जुलाई के बाद से प्रोजेक्ट्स अवॉर्ड करने की रफ्तार सुस्त रही है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार से ज्यादा बजट आवंटन चाहता है। उसने इस बारे में वित्त मंत्रालय को बताया है। वित्त वर्ष 2024-25 में मंत्रालय ने सरकार से बजट आवंटन 25 फीसदी बढ़ाने की मांग की है। वह अगले वित्त वर्ष के लिए 3.25 लाख करोड़ रुपये का आवंटन बजट में चाहता है। सरकार से बजट आवंटन बढ़ने पर NHAI को अगले वित्त वर्ष में ज्यादा कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। सरकार भी एनएचएआई के ज्यादा कर्ज लेने के पक्ष में नहीं है। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सरकार बजट में ज्यादा पैसे देकर एनएचएआई की क्षमता बढ़ाना चाहती है। इसलिए वित्त मंत्रालय मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट के बजट आवंटन में 20-25 फीसदी वृद्धि कर सकता है।

अधिकारी ने बताया कि इस वित्त वर्ष में एनएचएआई की तरफ से जुटाया गया कर्ज 1 लाख करोड़ रुपये से कम रहने का अनुमान है। यह लगातार दूसरा साल है जब NHAI का कर्ज 1 लाख करोड़ रुपये से कम रहेगा। वित्त वर्ष 2024-25 में भी एनएचएआई का कर्ज कम रहने की उम्मीद है। पिछले कुछ सालों में एनएचएआई को सड़क से जुड़ी ढांचागत बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए बाजार से काफी कर्ज लेना पड़ा था। पिछले साल जनवरी के अंत में एनएचएआई पर 3.44 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था। यह वित्त वर्ष 2014-15 में 24,188 करोड़ रुपये के कर्ज के मुकाबले काफी ज्यादा है।

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सड़क परिवहन मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 में 2.59 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च आवंटन का 90 फीसदी हिस्सा दिसंबर तक खर्च करने का प्लान बनाया था। लेकिन, जुलाई के बाद से प्रोजेक्ट्स अवॉर्ड करने की रफ्तार सुस्त रही है। भारी बारिश, जमीन आवंटन में देरी और पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव इसके कारण थे। 31 अक्टूबर तक सड़क परिवहन मंत्रालय ने 1,66,157 करोड़ खर्च किए थे। इससे करीब 4,450 किलोमीटर नेशनल हाईवेज बनाए गए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोकसभा चुनावों के बाद सरकार बुनियादी सुविधाओं पर अपना फोकस बढ़ा सकती है। इसके लिए सड़क परिवहन मंत्रालय को ज्यादा पैसे की जरूरत पड़ेगी।

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