Union Budget 2024 : ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच इकोनॉमी को मजबूत बनाने का रोडमैप बजट में होना चाहिए

Union Budget 2024 : आने वाले बजट में इंफ्रास्ट्रक्टर पर पूंगीगत खर्च बढ़ाने की कोशिश जारी रहनी चाहिए। यह सरकार के 'अमृत काल' और 'मेक इन इंडिया' के विजन के मुताबिक होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर पूंजीगत खर्च में लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने पर फोकस होना चाहिए। यह मेक इन इंडिया की सफलता के लिए जरूरी है

अपडेटेड Jan 12, 2024 पर 3:26 PM
Union Budget 2024 : जीएसटी के नियमों को आसान बनाने के उपाय होने चाहिए। इससे कंजम्प्श को बढ़ावा मिलेगा। बिजनेसेज के लिए कंप्लायंस को आसान बनाने से कामकाज से जुड़ी जटिलताएं खत्म होंगी।

उमेश रेवनकर

Union Budget 2024 : अगले महीने पेश होने वाला बजट इकोनॉमी को मजबूत बनाने और वैश्विक मंच पर इंडिया की दमदार मौजूदगी दर्ज कराने वाले उपाय करने का बड़ा मौका है। अंतरिम बजट में वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सेंटिमेंट को मजूबत बनाने और इकोनॉमी के अलग-अलग सेक्टर्स में उम्मीद जगाने पर फोकस हो सकता है। इस बजट में वित्तमंत्री का ध्यान रिफॉर्म्स जारी रखने और सिस्टम में सुधार की पहल पर होगा। बजट में एनबीएफसी के लिए टैक्स के नियमों में किसी तरह के बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, सरकार का फोकस क्रेडिट इनक्लूजन में एनबीएफसी की भूमिका बढ़ाने के उपायों पर होगा। एनबीएफसी इंडस्ट्री SARFAESI ACT के तहत बैंकों की तरह डेट रिकवरी के लिए लोन का मिनिमम साइज घटाने की मांग करती आ रही है।

बजट 2024 : इंफ्रास्ट्रक्चर पर पूंजीगत खर्च बढ़ाने की जरूरत


आने वाले बजट में इंफ्रास्ट्रक्टर पर पूंगीगत खर्च बढ़ाने की कोशिश जारी रहनी चाहिए। यह सरकार के 'अमृत काल' और 'मेक इन इंडिया' के विजन के मुताबिक होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर पूंजीगत खर्च में लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने पर फोकस होना चाहिए। यह मेक इन इंडिया की सफलता के लिए जरूरी है। इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम के मामले में पीएम गतिशक्ति स्कीम की बड़ी भूमिका रही है। हमें उम्मीद है कि अंतरिम बजट में इसके लिए आवंटन बढ़ सकता है।

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बजट 2024 : फिस्कल डेफिसिट मैनेजमेंट पर फोकस

एक साल पहले तैयार 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' के एजेंडा का लागू करने के लिए सरकार तैयार दिखती है। अंतरिम बजट में निजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की रणनीति शामिल हो सकती है। सरकार का फोकस फिस्कल डेफिसिट मैनेजमेंट और ग्रोथ को बढ़ावा देने वाले खर्च के वास्ते डिसइनवेस्टमेंट पर होगा। बजट के प्रस्तावों में पॉलिसी और जमीनी आर्थिक स्थिति के बीच तालमेल होना चाहिए।

बजट 2024 : एमएसएमई सेक्टर के लिए बेहतर माहौल जरूरी

बजट में एमएसएमई सेक्टर को प्राथमिकता देने की जरूरत है। इसमें कारोबार से जुड़े माहौल को बेहतर बनाने के उपाय होने चाहिए। एमएसएमई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने से न सिर्फ इस सेक्टर को मजबूती मिलेगी बल्कि ओवरऑल इकोनॉमिक रिकवरी को सपोर्ट मिलेगा। क्रेडिट फ्लो बढ़ाने, कंप्लायंस प्रोसेस को आसान बनाने और बिजनेस इनवायरमेंट को अनुकूल बनाने के उपाय होने चाहिए। ये ऐसी मांग हैं, जिन्हें एमएसएमई सेक्टर लंबे समय से करता आ रहा है।

बजट 2024 : जीएसटी के नियमों को आसान बनाया जाए

जीएसटी के नियमों को आसान बनाने के उपाय होने चाहिए। इससे कंजम्प्श को बढ़ावा मिलेगा। बिजनेसेज के लिए कंप्लायंस को आसान बनाने से कामकाज से जुड़ी जटिलताएं खत्म होंगी। इससे एक तरफ कंजम्प्श बढ़ेगा तो दूसरी तरफ मजबूत और अनुकूल टैक्स इनवायरमेंट बनाने में मदद मिलेगी। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाने की जरूरत है। डिजिटल लिट्रेसी प्रोग्राम को बढ़ावा देने के उपाय होने चाहिए। ऐसा माहौल बनाने की कोशिश होनी चाहिए जो डिजिटल इनोवेशन के लिए अनुकूल हो और जिससे डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा मिलता हो। डिजिटल डिवाइड को खत्म करने के लिए बजट में उपाय होने चाहिए।

(लेखक श्रीराम फाइनेंस के एग्जिक्यूटिव वाइस चेयरमैन हैं)

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