बजट 2024 : फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 1 फरवरी, 2023 को पेश बजट में महिलाओं और बुजुर्गों को बड़ा तोहफा दिया था। उन्होंने महिलाओं के लिए नई सेविंग्स स्कीम का ऐलान किया था। सीनियर सिटीजंस के लिए सबसे लोकप्रिय माने जाने वाली स्कीम में डिपॉजिट की लिमिट बढ़ा दी थी। आइए समझते हैं कि ये बेनेफिट्स क्या थे।
वित्तमंत्री ने महिलाओं के लिए नई सेविंग्स स्कीम-महिला स्म्मान सेविंग्स सर्टिफिकेट पेश करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि यह स्कीम मार्च 2025 तक दो साल के लिए उपलब्ध होगी। इसमें किसी महिला या लड़की के नाम से 2 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। इस इनवेस्टमेंट 2 साल के लिए होगा, जिस पर सालाना 7.5 फीसदी इंटरेस्ट मिलेगा। इसमें आंशिक विड्रॉल ऑप्शन उपलब्ध है। अभी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस स्कीम में इनवेस्ट करने पर किसी तरह का टैक्स बेनेफिट नहीं है। इंटरेस्ट अमाउंट पर टैक्स लगेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) में निवेश की लिमिट बढ़ाने का ऐलान बजट 2023 में किया था। उन्होंने इस स्कीम में डिपॉजिट की मैक्सिमम लिमिट 15 लाख रुपये से बढ़कर 30 लाख रुपये कर दी थी। इस स्कीम में हर तिमाही डिपॉजिटर के अकाउंट में इंटरेस्ट का पैसा आता है। इस स्कीम में डिपॉजिट पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत डिडक्श की सुविधा मिलती है।
60 साल से ज्यादा उम्र का व्यक्ति यह अकाउंट ओपन कर सकता है। 55 साल से ऊपर का रिटायर्ड सिविलियन एंप्लॉयीज और 50 साल से ऊपर का रिटायर्ड डिफेंस एंप्लॉयीज 60 साल उम्र पूरी होने से पहले यह अकाउंट ओपन कर सकता है। शर्त यह है कि उसे रिटायरमेंट बेनेफिट्स (पैसा) मिलने की तारीक से एक महीने के अंदर उसे इस स्कीम में डिपॉजिट कर देते हैं।
3. पोस्ट ऑफिस मंथली स्कीम की लिमिट में वृद्धि
पोस्ट ऑफिस मंथली स्कीम (POMIS) में 1000 रुपये से अकाउंट ओपन किया जा सकता है। अभी इंडिविजुअल के लिए इस स्कीम में डिपॉजिट की मैक्सिमम लिमिट 4.5 लाख रुपये है। ज्वाइंट अकाउंट के मामले में यह लिमिट 9 लाख रुपये है। यूनियन बजट 2023 में इस स्कीम में इंडिविजुअल डिपॉजिट के लिए लिमिट बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दी गई थी। ज्वाइंट अकाउंट के मामले में लिमिट 9 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई थी। इस स्कीम में इंटरेस्ट का पेमेंट हर महीने होता है। यह अकाउंट 5 साल के लिए ओपन किया जा सकता है। 1 साल के बाद पेनाल्टी चुकाकर समय से पहले पैसा निकालने की इजाजत है।