जेटली का बजट, जानें क्या है इसमें खास

रेल बजट में हमने जो ट्रेलर देखा उसकी पूरी पिक्चर आम बजट के जरिये सामने आई है।

अपडेटेड Feb 28, 2015 पर 5:33 PM
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक नपा तुला और सधा बजट पेश किया है। वित्त मंत्री का जोर बड़े ऐलानों के बजाए मौजूदा सिस्टम को दुरुस्त करने पर है। इस बजट में सबको खुश करने की सोच के साथ इकोनॉमी और राजनीति दोनों को साधने की कोशिश की गई है।

रेल बजट में हमने जो ट्रेलर देखा उसकी पूरी पिक्चर आम बजट के जरिये सामने आई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली के पहले पूर्ण बजट में अगले 5 साल का रोडमैप साफ तौर पर दिखा है। और ये रोडमैप है सबका विकास।

जीएसटी पर कदम आगे बढ़ाते हुए सर्विस टैक्स बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया गया है। कॉर्पोरेट टैक्स कम करने की मांग मानते हुए बजट में इसे 30 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कर दिया गया है। लेकिन ये 4 साल में होगा और कंपनियों के लिए कई तरह की छूट खत्म हो जाएंगी।

वहीं जीएएआर (गार) 2 साल के लिए और टाल दिया गया है। राजनीतिक और इकोनॉमिक नजरिए से काफी महत्वपूर्ण हाउसिंग सेक्टर पर सरकार ने फोकस किया है। 2020 तक 6 करोड़ घर बनाने का प्लान है। हर घर में टॉयलेट होगा, बिजली और पानी की सेवा दी जाएगी। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए टैक्स फ्री बॉन्ड भी आएंगे।

वित्त मंत्री ने बजट में आम आदमी को भी खुश करने की कोशिश की है। वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स छूट की सीमा तो नहीं बढ़ाई। लेकिन कई तरह के निवेश पर छूट बढ़ाकर 4.40 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का इंतजाम कर दिया। साफ है कि वित्त मंत्री का जोर बचत को बढ़ावा देने की है। साथ ही कृषि क्षेत्र को 5 साल में 8 लाख करोड़ के लोन और मनरेगा का बजट बढ़ाने का भी ऐलान किया गया है।

वित्त मंत्री ने इस बजट में राजनीति को भी साधने की कोशिश की है। बिहार और बंगाल को स्पेशल पैकेज एक नमूना है, जहां जल्दी चुनाव होने वाले हैं। इस बजट में दिल्ली चुनावों का भी कुछ असर दिख रहा है। सरकार आम आदमी के ज्यादा करीब दिखने की कोशिश करती दिख रही है।


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