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बजट से तय होगी बाजार की चाल

वित्तीय घाटे और कुछ दूसरे बड़े मुद्दों पर बाजार वित्त मंत्री की साफ राय जानना चाहते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 09, 2014 पर 7:05 PM
बजट से तय होगी बाजार की चाल

अनिल सिंघवी, मार्केट एडिटर, सीएनबीसी आवाज़

बजट की शुरुआत में ही वित्त मंत्री बताते हैं वित्तीय घाटे का आंकड़ा। और बाजार ये सुनना चाहता कि आप इसे वित्त वर्ष 2015 में 4.5 फीसदी पर रखें। अगर 5 फीसदी के आसपास का आंकड़ा आया तो बाजार का गिरना पक्का है। आगे बढ़कर कुछ और बड़े मुद्दों पर बाजार वित्त मंत्री की साफ राय जानना चाहते हैं। जैसे क्या जीएएआर को पूरी तरह से टाल दिया जाएगा? क्या पिछली तारीख से टैक्स के नियमों में फेरबदल नहीं किया जाएगा? जीएसटी को कब और कैसे लागू किया जाएगा? अगर इनपर सफाई आ गई, तो बाजार खुश होगा। इसके अलावा सरकारी कंपनियों के अच्छे गवर्नेंस, सरकार के विनिवेश के लक्ष्य, सब्सिडी को तर्कसंगत बनाए जाना और कई सेक्टर्स में विदेशी निवेश पर सरकारी नीति क्या होगी, ये भी सब जानना चाहते हैं। अगर इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री में निवेश का बेहतर माहौल बनाने के लिए और ग्रोथ को ट्रैक पर लाने के लिए कुछ पॉलिसी रिफॉर्म की घोषणा की जाए तो फिर बाजार में नए हाई बनना लाजमी है। बस कॉरपोरेट टैक्स न बढ़े और एसटीटी घट जाए तो फिर एकबारगी बाजार का मूड ताजा हो जाएगा।

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