कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) ने कुछ सीमेंट कंपनियों और एक सीमेंट डीलर से कुछ जानकारियां मांगी है। इनमें अल्ट्राटेक सीमेंट, डालमिया भारत और श्री दिग्विजय सीमेंट शामिल हैं। सीमेंट के डीलर का नाम उमाकांत अग्रवाल है। इन कंपनियों से अपने फाइनेंस और मैनेजमेंट के कुछ लोगों के इनकम टैक्स रिटर्न के बारे में जानकारी देने को कहा गया है। सीसीआई ने यह जानकारी ओएनजीसी से जुड़े एक मामले में मांगी है।
ONGC ने CCI से एक शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि इन सीमेंट कंपनियों ने अग्रवाल के साथ मिलककर एक टेंडर में बोली लगाने के लिए मिलीभगत की थी। यह टेंडर (ओएनजीसी) की तरफ से दिया गया था। इससे पहले ओएनजीसी ने 2020 में तीन सीमेंट कंपनियों के खिलाफ शिकायत की थी। जांच के बाद CCI ने इस मामले में अग्रवाल को भी पार्टी बनाने का आदेश दिया था।
सीसीआई का ऑर्डर 26 जून को आया था। इसमें इन सीमेंट कंपनियों को जवाब देने के लिए 8 हफ्तों का समय दिया गया है। सीसीआई ने Shri Digvijay और Dalmia को अपनी बैलेंसशीट, प्रॉफिट और लॉस और एक्सपेंडिचर अकाउंट्स पेश करने को कहा है। FY11 और FY19 के बीच की ये जानकारियां मांगी गई हैं। अल्ट्राटेक और उसकी सब्सिडियरी इंडिया सीमेंट्स को भी बैलेंस शीट सहित ये सभी जानकारियां देने को कहा गया है।
इन फर्मों को सीमेंट की बिक्री से अपने टर्नओवर के बारे में वैधानिक ऑडिटर्स की तरफ से जारी सर्टिफिकेट और शपथपत्र भी देने को कहा गया है। इन कंपनियों के अलावा सीसीआई ने कंपनियों के सीनियर अधिकारियों और अग्रवाल की पहचान की है। उन्हें खुद से जुड़ी कंपनियों की जांच से जुड़े सालों के अपने इनकम टैक्स रिटर्न की जानकारी देने को कहा गया है।