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Muthoot Finance को एक ही मामले में CCI ने दूसरी बार भेजा नोटिस, शिकायत कर खुद ही फंस गई मुथूट फाइनेंस

Muthoot Finance News: कॉम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) मुथूट फाइनेंस (Muthoot Financa) को शो-कॉज नोटिस भेजा है। जिस मामले में गोल्ड लोन बांटने वाली मुथूट फाइनेंस को नोटिस भेजा गया है, वह दूसरी बार का नोटिस है। खास बात ये है कि मामले में मुथूट फाइनेंस खुद ही सीसीआई के पास पहुंची थी और अब खुद ही फंस गई है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 04, 2024 पर 2:02 PM
Muthoot Finance को एक ही मामले में CCI ने दूसरी बार भेजा नोटिस, शिकायत कर खुद ही फंस गई मुथूट फाइनेंस
कॉम्पटीशन एक्ट के सेक्शन 45 के तहत सीसीआई अधूरी या झूठी जानकारी देने के मामले में किसी पक्ष को नोटिस भेज सकता है। इस मामले में Muthoot Finance को दूसरी बार नोटिस भेजा गया।

Muthoot Finance News: कॉम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) मुथूट फाइनेंस (Muthoot Financa) को शो-कॉज नोटिस भेजा है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। सूत्र के मुताबिक मुथूट फाइनेंस को यह नोटिस आंकड़ों को गलत तरीके से पेश करने के चलते भेजा गया है। 14 मार्च की तारीख में भेजे गए इस नोटिस में डिबेंचर ट्रस्टियों से जुड़े एक मामले में कंपनी की तरफ से महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज करने पर सवाल उठाया गया है। एक ट्रस्टी का काम आमतौर पर डिबेंचरधारकों के हितों की रक्षा करना, कंपनी के परफॉरमेंस की निगरानी करना, सुरक्षा लागू करना, डिबेंचरधारकों को जानकारी प्रदान करना और डिफॉल्ट के मामले में कानूनी कार्रवाई करना है।

क्या है पूरा मामला

सितंबर 2021 में मुथूट फाइनेंस ने डिबेंचर ट्रस्टीज के खिलाफ शिकायत की थी कि वे मार्केट में अपनी पोजिशन का गलत फायदा उठा रहे हैं और नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने की सुविधा के लिए अधिक फीस ले रहे हैं। हालांकि इस मामले में जब सीसीआई ने जांच की तो उन्होंने पाया कि मुथूट ने इसी प्रकार की शिकायत बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास भी की थी लेकिन इसके बारे में सीसीआई को नहीं बताया।

कॉम्पटीशन एक्ट के सेक्शन 45 के तहत सीसीआई अधूरी या झूठी जानकारी देने के मामले में किसी पक्ष को नोटिस भेज सकता है। सूत्र के मुताबिक इस मामले में मुथूट को दूसरी बार नोटिस भेजा गया। इससे पहले जो नोटिस भेजा गया था, उस पर पिछले साल सितंबर 2023 में हाईकोर्ट ऑफ केरल ने स्टे लगा दिया था। कोर्ट ने सीसीआई को मामले में फिर से विचार करने को कहा था। अब सीसीआई ने इसे फिर से नोटिस भेजा है।

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