इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सीएसआर से जुड़े संदिग्ध मनी लाउंड्रिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सीएसआर का पैसा वापस पाने के लिए इस नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। कई कंपनियों ने पहले कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड को फर्जी ट्रस्ट्स में ट्रांसफर किए। फिर यह पैसा कैश के रूप में या लेयर्ड ट्रांजक्शंस के जरिए कंपनियों के पास वापस आ गया। कंपनियों के लिए अपने प्रॉफिट का एक हिस्सा सामाजिक कार्यों पर खर्च करना जरूरी है। इसे सीएसआर कहा जाता है।
फर्जी ट्रस्ट्स से वापस मिले पैसे को कंपनियां बुक्स में शामिल नहीं करतीं
सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि फर्जी ट्रस्ट्स से वापस मिला पैसे का रिकॉर्ड कंपनियों के बुक्स में दर्ज नहीं किया जाता है। इस तरह कंपनियां इस पैसे पर टैक्स चुकाने से बच जाती हैं। कुछ मामलों में तो कंपनियों ने इस पर डिडक्शंस तक क्लेम किए हैं। इससे सरकारी राजस्व को दो तरह से नुकसान हुआ है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 11-12 ट्रस्ट्स पर मारे थे छापे
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस मामले में अगस्त की शुरुआत में दिल्ली में छापे मारे थे। इसमें 11-12 ट्रस्ट्स पर डिपार्टमेंट ने फोकस किया था। उम्मीद है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट दूसरे शहरों में भी इस मामले में छापे मारेगा। सूत्रों ने बताया इससे सीएसआर से जुड़े नियमों की कमियां भी सामने आ गई हैं। सीएसआर कंपनीज एक्ट के तहत आता है। इसके लिए इनकम टैक्स के भी कुछ प्रावधान है।
दूसरे शहरों में भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट मारेगा छापा
सरकार के एक सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर मनीकंट्रोल के बताया, "इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हाल में दिल्ली में करीब 11-12 फर्जी ट्रस्ट्स पर छापे मारे हैं। ट्रेंड की पहचान की गई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का दूसरे शहरों में भी इस मामले में छापे मारने का प्लान है। कंपनियां इन फर्जी ट्रस्ट्स को सीएसआर का पैसा दे रही हैं। फिर पैसे वापस ले ले रही हैं। कंपनियों को इस तरह वापस मिली रकम तय नहीं की गई है। "
पूरे सीएसआर फंड पर टैक्स अथॉरिटीज की नजरें
चूंकि यह पैसा दोबारा कंपनियों के पास आ जाता है, जिससे उनकी इनकम बढ़ जाती है। लेकिन, इस पैसे पर उन्हें टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अब सीएसआर के पूरे फंड पर इनकम टैक्स अथॉरिटीज की नजरें हैं। मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स नेशनल सीएसआर पोर्टल को मेंटेन करती है। इस पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, FY24 में 27,188 कंपनियों ने सीएसआर पर कुल 34,908.75 करोड़ रुपये खर्च किए।
सीएसआर फंड के लिए इनकम टैक्स के नियम
कंपनीज एक्ट के मुताबिक कंपनियों के अपने प्रॉफिट का एक हिस्सा सीएसआर पर खर्च करना जरूरी है। इनकम टैक्स के नियमों के तहत कंपनियों को इस पैसे पर बिजनेस एक्सपेंसेज के रूप डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत नहीं है। लेकिन, कुछ कंपनियां इस पैसे पर डिडक्शन क्लेम करने के लिए जटिल स्ट्रक्चर का इस्तेमाल करती हैं। कंपनियों के लिए पिछले तीन साल में हुए औसत प्रॉफिट का 2 फीसदी सीएसआर पर खर्च करना जरूरी है। चूंकि इस पैस पर डिडक्शन की इजाजत नहीं है, जिससे कंपनियों को इस पैसे पर भी टैक्स चुकाना पड़ता है।