ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म डीलशेयर (DealShare) ने अगले कुछ महीनों में अपनी बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) यूनिट को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है। इसका कारण है कि यह वर्टिकल वांछित परिणाम देने में नाकाम रहा है। यह खबर Moneycontrol को घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों से मिली है। उनका कहना है कि कंपनी ने पहले ही अपनी B2B डिवीजन को कम करना शुरू कर दिया है और छंटनी के एक और राउंड की घोषणा की है। DealShare में अमेरिकी इन्वेस्टमेंट फर्म Tiger Global ने निवेश किया हुआ है। कुछ माह पहले खबर आई थी कि DealShare अपने हेडक्वार्टर को बेंगलुरु से दिल्ली-एनसीआर में शिफ्ट करने जैसे कदमों से परिचालन को कंसोलिडेट कर रही है, जिसका परिणाम और छंटनी के तौर पर सामने आ सकता है। कंपनी जयपुर, दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ और कोलकाता जैसे बाजारों पर ध्यान केंद्रित करना चाह रही है और महाराष्ट्र जैसे नॉन-प्रॉफिटेबल क्षेत्रों से बाहर निकल रही है।
डीलशेयर ने जनवरी 2023 में 100 कर्मचारियों को काम से निकाला था। सितंबर माह की शुरुआत में की गई टाउनहॉल मीटिंग में डीलशेयर ने कहा था कि वह 120-130 कर्मचारियों को बर्खास्त करेगी। यह इसकी कुल वर्कफोर्स के 10 प्रतिशत से थोड़ा ही अधिक है। इस फैसले की घोषणा से पहले डीलशेयर के पेरोल पर 1,100 कर्मचारी थे। कहा जा रहा है कि छंटनी से प्रभावित अधिकांश कर्मचारी B2B डिवीजन से हैं। डीलशेयर ने मनीकंट्रोल को इन डेवलपमेंट्स की पुष्टि की है।
फिलहाल B2C पर करना चाहती है फोकस
डीलशेयर के प्रवक्ता का कहना है, 'हमने बाजार में अपने कंज्यूमर्स के लिए प्रासंगिक बने रहने के लिए इस वक्त B2C व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला लिया है। हमने अपने बजट को फिर से व्यवस्थित करने, टीम्स व लोकेशंस को रीऑर्गेनाइज करने जैसे फैसले लिए हैं। हमारी तत्काल प्राथमिकताएं, कार्यान्वयन के लिए टीम्स को जल्द व्यवस्थित करना, नॉन-टेक टीम्स के गुरुग्राम में ट्रांजीशन को पूरा करना, प्रमुख डिलिवरेबल्स को वरीयता देना और कार्रवाई में तेजी लाना होंगी।'
बयान में आगे कहा गया है कि इस री-आर्गेनाइजेशन के परिणामस्वरूप कंपनी के कुछ एंप्लॉयीज कंपनी छोड़ देंगे। डीलशेयर ऐसे वक्त में उन्हें वित्तीय रूप से समर्थन देने और सॉफ्ट लैंडिंग उपलब्ध कराने के लिए कंपनी के नेटवर्क का फायदा दिए जाने को लेकर अपनी क्षमता के अनुसार सब कुछ करेगी। प्रभावित कर्मचारियों को क्या मदद मिलेगी, इसके बारे में विशेष जानकारी नहीं दी गई।
B2B डिवीजन, हालांकि B2C इकाई से छोटा है, फिर भी डीलशेयर के रेवेन्यु का लगभग 20-25 प्रतिशत हिस्सा B2B से आता है। डीलशेयर को साल 2018 में रजत शिखर, विनीत राव, शंकर बोरा और सौर्येंदु मेड्डा ने शुरू किया था। प्राइवेट मार्केट्स डेटा प्रोवाइडर ट्रैक्सन के अनुसार, जनवरी 2022 के आखिरी फंडिंग राउंड के बाद डीलशेयर की वैल्युएशन 1.7 अरब डॉलर हो गई थी। इस साल जुलाई में डीलशेयर के सीईओ और को-फाउंडर विनीत राव ने कंपनी का साथ छोड़ दिया था।