रूसी तेल और गैस की खरीद पर ट्रंप ने प्रतिबंधों से दी छूट, भारत से हटी 100% तक टैरिफ की तलवार

रूस से सबसे अधिक तेल व गैस खरीदने वाले देशों में चीन और भारत शामिल हैं। इस कानून के तहत ट्रंप को इसे लागू किए जाने के 30 दिन के अंदर रूस से कच्चा तेल या गैस आयात करने वाले 5 सबसे बड़े देशों से अमेरिका में आने वाले सभी सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया

अपडेटेड Oct 17, 2026 पर 11:36 AM
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ट्रंप ने अमेरिकी संसद को एक सर्टिफिकेशन सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि इस समय ऐसी छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय हितों का हवाला देते हुए रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कानून के तहत प्रतिबंधों, पाबंदियों और ड्यूटीज यानि शुल्कों से छूट दी है। ट्रंप ने शुक्रवार रात जारी एक कार्यकारी आदेश में कहा कि कुछ प्रतिबंधों को लागू नहीं करना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं ग्राहम कानून के तहत ऐसे प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों को लागू करने से छूट दे रहा हूं।’’ उन्होंने अमेरिकी संसद को एक सर्टिफिकेशन सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि इस समय ऐसी छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है।

‘लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम’ ट्रंप को रूस पर व्यापक प्रतिबंध लगाने और रूस से सबसे अधिक तेल व गैस खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। इस कानून को ग्राहम कानून के नाम से जाना जाता है। इसे अमेरिकी कांग्रेस ने 16 सितंबर को पास किया था और ट्रंप ने दो दिन बाद इसे साइन किया था।

इस कानून के तहत ट्रंप को इसे लागू किए जाने के 30 दिन के अंदर रूस से कच्चा तेल या गैस आयात करने वाले 5 सबसे बड़े देशों से अमेरिका में आने वाले सभी सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया था। ग्राहम कानून की धारा 115 में यह प्रावधान भी है कि अगर प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों को लागू करने से छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में हो, तो राष्ट्रपति ऐसी छूट दे सकते हैं।


भारत से फिलहाल हटी 100 प्रतिशत टैरिफ की तलवार

रूस से सबसे अधिक तेल व गैस खरीदने वाले देशों में चीन और भारत शामिल हैं। ग्राहम कानून के तहत प्रतिबंधों, पाबंदियों और ड्यूटीज से छूट के नए फैसले से अमेरिका जाने वाले भारतीय सामान पर 100 प्रतिशत टैरिफ की तलवार फिलहाल के लिए हट गई है। ट्रंप ने कहा, ‘‘ग्राहम कानून की धारा 115(ए) के तहत, मैं ग्राहम कानून की धारा 112 और 113 या इस आदेश में निर्धारित किसी भी शुल्क को लागू करने से छूट देता हूं।’’ धारा 113 में रूस से कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों या उसे प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है।

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ग्राहम कानून पर विदेश मंत्री एस जयशंकर और मार्को रुबियो की हुई थी मीटिंग

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पिछले महीने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बैठक के दौरान ग्राहम कानून को लेकर चिंता जताई थी। समझा जाता है कि जयशंकर ने रुबियो को बताया था कि भारत की तेल रिफाइनरियां मुख्य रूप से मध्यम श्रेणी के सल्फरयुक्त कच्चे तेल की प्रोसेसिंग के लिए तैयार की गई हैं, जिसकी आपूर्ति पश्चिम एशिया के देशों और रूस से होती है।उन्होंने रुबियो को यह भी बताया था कि वेनेजुएला से हैवी ग्रेड का कच्चा तेल मिलता है, जबकि अमेरिका से हल्के ग्रेड का कच्चा तेल आता है। भारत की रिफाइनरियों में इस्तेमाल से पहले इन्हें दूसरे तेल के साथ मिलाना होगा।

ईरान युद्ध के चलते पश्चिम एशिया के देशों से तेल की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण भारत अपनी अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए रूसी कच्चे तेल पर निर्भर है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो कुछ दिन बाद भारत आने वाले हैं।

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