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Flipkart, Amazon जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों पर फेक रिव्यू को रोकेगी सरकार, जल्द बनेगा फ्रेमवर्क

फेक रिव्यू ऑनलाइन प्रोडक्ट्स और सर्विसेज खरीदने वाले कंज्यूमर्स को भ्रमित करता है। ई-कॉमर्स कंपनियों के कंज्यूमर्स के पास प्रोडक्ट्स को फिजिकली देखने या छूने का मौका नहीं होता है, जिससे वे प्रोडक्ट्स के बारे में जानने के लिए प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए रिव्यू को देखते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड May 28, 2022 पर 5:38 PM
Flipkart, Amazon जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों पर फेक रिव्यू को रोकेगी सरकार, जल्द बनेगा फ्रेमवर्क
ई-कॉमर्स पर खरीदारी करने वाले व्यक्ति के लिए फेक रिव्यू और सही रिव्यू के बीच फर्क करना मुश्किल होता है।

सरकार फ्लिपकार्ट (Flipkart) और एमेजॉन (Amazon) जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर प्रोडक्ट्स के फेक रिव्यू (Fake Review) पर रोक लगाएगी। सरकार ने शनिवार को कहा कि वह इसके लिए एक फ्रेमवर्क बनाएगी। इसका मकसद कंज्यूमर्स को भ्रमित (Misguided) होने से बचाना है। इस बारे में उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय (Ministry of Consumer Affairs) की बैठक शुक्रवार को एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI) के साथ हुई। इसमें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर फेक रिव्यू के बढ़ते चलन पर चर्चा हुई।

फेक रिव्यू ऑनलाइन प्रोडक्ट्स और सर्विसेज खरीदने वाले कंज्यूमर्स को भ्रमित करता है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय अभी उन तरीकों का अध्ययन करेगा, जिसे इंडिया में ई-कॉमर्स कंपनियां अपना रही है। वह विदेश में ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रैक्टिस का भी अध्ययन करेगा।

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शुक्रवार को हुई मीटिंग में कंज्यूमर फोरम, लॉ यूनिवर्सिटीज, फिक्की, सीआईआई और कंज्यूमर राइट्स एक्टिविस्ट ने भी हिस्सा लिया। चूंकि ई-कॉमर्स कंपनियों के कंज्यूमर्स के पास प्रोडक्ट्स को फिजिकली देखने या छूने का मौका नहीं होता है, जिससे वे प्रोडक्ट्स के बारे में जानने के लिए उनके प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए रिव्यू को देखते हैं। दावा किया जाता है कि ये रिव्यू उन लोगों ने लिखे हैं, जिन्होंने पहले प्लेटफॉर्म से इन प्रोडक्ट्स को खरीदा है।

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