उत्तर कोरिया सरकार के सपोर्ट से 10 करोड़ डॉलर के क्रिप्टो की चोरी, अमेरिकी जांच एजेंसी FBI का खुलासा, ऐसे कामों में होता है इस्तेमाल

पिछले साल 10 करोड़ डॉलर के क्रिप्टो की चोरी के मामले में अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन (FBI) ने उत्तर कोरिया के एक हैकर ग्रुप पर आरोप लगाया है। एफबीआई के मुताबिक इन हैकर्स को उत्तर कोरिया की सरकार का सपोर्ट भी हासिल है। ये क्रिप्टो हॉर्मोनी के होरिजोन ब्रिज से चोरी हुए थे

अपडेटेड Jan 25, 2023 पर 4:40 PM
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अमेरिकी जांच एजेंसी के मुताबिक चोरी और लॉन्ड्रिंग के जरिए इन वर्चुअल करेंसी का इस्तेमाल उत्तर कोरिया के बैलेस्टिक मिसाइल और वेपन्स ऑफ मास डिस्ट्रक्शन प्रोग्राम को सपोर्ट करने के लिए होता है।

पिछले साल 10 करोड़ डॉलर के क्रिप्टो की चोरी के मामले में अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन (FBI) ने उत्तर कोरिया के एक हैकर ग्रुप पर आरोप लगाया है। एफबीआई के मुताबिक इन हैकर्स को उत्तर कोरिया की सरकार का सपोर्ट भी हासिल है। ये क्रिप्टो हॉर्मोनी के होरिजोन ब्रिज से चोरी हुए थे। इस ब्रिज के जरिए यूजर्स क्रिप्टोकरेंसी को एक ब्लॉकचेन से दूसरे ब्लॉकचेन पर ट्रांसफर कर सकते हैं। इसी ब्रिज पर हैकर्स ने सेंध लगा लिया और 10 करोड़ डॉलर के क्रिप्टो को हड़प लिया।

चोरी हुए Ethereum से BitCoin की खरीदारी

एफबीआई के मुताबिक उत्तर कोरिया के Lazarus Group (APT28) ने ही पिछले साल 24 जून 2022 को हार्मोनी के होरिजोन ब्रिज से 10 करोड़ डॉलर के क्रिप्टो की चोरी की थी। इस साल 13 जनवरी 2023 को इन्होंने एक प्राइवेसी प्रोटोकॉल RAILGUN का इस्तेमाल करते हुए 6 करोड़ डॉलर के एथेरियम (Ethereum) की लॉन्ड्रिंग की। चोरी किए गए कुछ एथेरियम को हैकर्स ने क्रिप्टोकरेसी से जुड़ी सर्विस प्रोवाइडर्स के पास भेजा और इन्हें बिटकॉइन में बदल लिया। इसने से कुछ क्रिप्टो वर्चुअल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स की मदद से फ्रीज किए गए थे। वहीं शेष 4 करोड़ डॉलर के चोरी किए गिए बिटकॉइन को जिन 11 क्रिप्टो वॉलेट्स में भेजा गया है, उनकी भी जानकारी एफबीआई ने सार्वजनिक की है।


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उत्तर कोरिया क्या करता है इन क्रिप्टो का इस्तेमाल

अमेरिकी जांच एजेंसी के मुताबिक चोरी और लॉन्ड्रिंग के जरिए इन वर्चुअल करेंसी का इस्तेमाल उत्तर कोरिया के बैलेस्टिक मिसाइल और वेपन्स ऑफ मास डिस्ट्रक्शन प्रोग्राम को सपोर्ट करने के लिए होता है। एफबीआई का कहना है कि वह उत्तर कोरिया की इस प्रकार की चोरी और लॉन्ड्रिंग को लगातार पकड़ती रहेगी ताकि क्रिप्टोकरेंसी के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके।

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