केंद्र सरकार के ऑफिसों में अब कर्मचारियों के लिए 6 लाख तक की खरीदी जा सकती है कार, वित्त मंत्रालय ने बढ़ाई लिमिट

वित्त मंत्रालय ने 8 सालों के अंतराल के बाद केंद्र सरकार के ऑफिसों में स्टाफ के लिए कार खरीदने की सीमा को बढ़ाई है

अपडेटेड Sep 03, 2022 पर 6:17 PM
स्टाफ कार के लिए प्रति माह 250 लीटर अधिकतम फ्यूल की सीमा भी तय की गई है

वित्त मंत्रालय ने 8 सालों के अंतराल के बाद केंद्र सरकार के ऑफिसों में स्टाफ के लिए कार खरीदने की सीमा को बढ़ा दी। द हिन्दू बिजनेस लाइन की खबर के मुताबिक केंद्र सरकार के ऑफिसों में स्टाफ के लिए कार खरीदने की सीमा अब बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दिया गया है, जो पहले 4.75 लाख था। रिपोर्ट में बताया गया कि मंत्रालय ने स्टाफ कारों के इस्तेमाल से जुड़े नियमों को भी अपडेट किया है।

एक्सपेंडिचर डिपार्टमेंट की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "GEM (सरकारी ई-मार्केट प्लेस) पर उपलब्ध 6 लाख रुपये की शुद्ध डीलर कीमत तक की कारों को केवल आधिकारिक इस्तेमाल के लिए स्टाफ कार के रूप में खरीदने पर विचार किया जाएगा।" नेट डीलर प्राइस का मतलब उस कीमत से है जिस पर कंपनी डीलर को कार डिलीवर करती है।

ईंधन सीमा

आधिकारिक बयान में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक स्टाफ कार के लिए प्रति माह 250 लीटर अधिकतम फ्यूल की सीमा भी तय की है।


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इस बीच एक अन्य खबर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले आठ साल के दौरान मनरेगा स्कीम (MGNREGA scheme) पर 5 लाख करोड़ रुपये व्यय किए हैं। इसमें से 20 फीसदी धनराशि कोविड-19 महामारी के दौरान खर्च की गई है।

गुरुवार को तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में रिपोर्टर्स के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य को महात्मा गांधी नेशनल रूरल इम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम के तहत पिछले आठ साल में 20,000 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

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