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घाटा खत्म करने के लिए Flipkart के शेयर कैपिटल में होगी कटौती, Walmart पहुंची NCLT के पास, समझें क्या है इसका मतलब

Flipkart News: दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) की पैरेंट कंपनी वालमार्ट इंडिया (Walmart India) ने घाटा पाटने करने के लिए शेयर कैपिटल में कटौती करने का फैसला किया है। इसे लेकर वह कंपनीज एक्ट, 2013 के सेक्शन 66 और 52 के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) पहुंची है। जानिए इन दोनों सेक्शन में क्या है और वालमार्ट को एनसीएलटी जाने की जरूरत क्यों पड़ी

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Aug 09, 2023 पर 10:09 AM
घाटा खत्म करने के लिए Flipkart के शेयर कैपिटल में होगी कटौती, Walmart पहुंची NCLT के पास, समझें क्या है इसका मतलब
Walmart ने Flipkart के शेयर कैपिटल में कटौती के लिए कंपनीज एक्ट के सेक्शन 52 और 66 को तहत एनसीएलटी में याचिका दायर किया है।

Flipkart News: दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) की पैरेंट कंपनी वालमार्ट इंडिया (Walmart India) ने घाटा पाटने करने के लिए शेयर कैपिटल में कटौती करने का फैसला किया है। इसे लेकर वह कंपनीज एक्ट, 2013 के सेक्शन 66 और 52 के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) पहुंची है। शेयर कैटिपटल में कटौती एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके जरिए कंपनी अकम्युलेटेड लॉसेज को एडजस्ट करने या इन्हें खत्म करने, शेयरहोल्डर्स को पूंजी लौटाने या कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर को एडजस्ट करती है। अकम्यूलेटेड लॉसेज पिछले वर्षों का कुल मिलाकर घाटा है।

वालमार्ट को मौजूदा शेयरहोल्डर्स से जो शेयर प्रीमियम मिला है, उससे इकट्ठे हुए घाटे को पाटने के लिए ही कंपनी एनसीएलटी पहुंची है। यह मामला एनसीएलटी में 8 अगस्त को सुनवाई के लिए पहुंटा था और ट्रिब्यूनल ने इसे अगले हफ्ते तक के लिए स्थगित कर दिया। कंपनी के अटॉर्नी को अपना पक्ष रखने के लिए हायर कोर्ट्स और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को पेश करने को कहा है।

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