Adani Bribery Case: सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा अदाणी रिश्वत मामला, जांच की उठी मांग

Adani Bribery Allegations: याचिका में बताया गया है कि अमेरिकी आदेश के अनुसार, गौतम अदाणी को मार्च 2023 में अमेरिकी न्याय विभाग की जांच के बारे में पता था। लेकिन अदाणी ग्रीन ने मार्च 2024 में बीएसई और एनएसई में एक सर्कुलर दायर किया, जिसमें चल रही जांच के बारे में जानकारी से इनकार किया गया

अपडेटेड Nov 24, 2024 पर 11:20 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
नई याचिका एडवोकेट विशाल तिवारी ने दायर की है।

गौतम अदाणी (Gautam Adani) पर भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोप का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। US डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का अभियोग और SEC की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट में भारतीय एजेंसियों की ओर से जांच की मांग वाली एक नई याचिका दायर हुई है। इसमें दावा किया गया है कि अभियोग आदेश और SEC की शिकायत ने अदाणी समूह की ओर से किए गए कदाचार का खुलासा किया है। लगाए गए आरोप गंभीर हैं और राष्ट्र के हित में इंडियन अथॉरिटीज की ओर से इसकी जांच की जानी चाहिए।

याचिका एडवोकेट विशाल तिवारी ने दायर की है। तिवारी, अदाणी ग्रुप के खिलाफ हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद दायर याचिकाओं के मामले में भी प्रमुख याचिकाकर्ता यानि पिटीशनर थे। याचिका में कहा गया है कि अमेरिकी कोर्ट के आदेश के अनुसार, गौतम अदाणी ने व्यक्तिगत रूप से सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की और रिश्वत का प्रस्ताव दिया।

अदाणी पर क्या हैं आरोप


बता दें कि अमेरिकी प्रॉसीक्यूटर्स ने आरोप लगाया है कि गौतम अदाणी, सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने के लिए 26.5 करोड़ डॉलर या 2236 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश में शामिल हैं। घूस का वादा भारतीय सरकारी अधिकारियों को किया गया। अदाणी ग्रीन एनर्जी में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर आर. अदाणी और MD-CEO विनीत एस. जैन पर भी अमेरिकी कानूनों को तोड़ने का आरोप लगा है। यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का कहना है कि तकरीबन 2020 से 2024 के बीच अदाणी ग्रीन एनर्जी और एज्योर पावर ग्लोबल को सोलर प्रोजेक्ट दिलाने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत की पेशकश की गई।

Myntra अब 2 घंटे के अंदर आपके घर पहुंचाएगी सामान, शुरू किया पायलट प्रोजेक्ट M-Now

यह भी आरोप है कि अदाणी समूह ने फायदा उठाने के लिए अपनी रिश्वत विरोधी प्रैक्टिसेज और नीतियों से संबंधित झूठे, भ्रामक बयानों और रिश्वतखोरी की जांच की रिपोर्टों के आधार पर लोन और बॉन्ड्स के जरिए 2 अरब डॉलर जुटाए। जिन लोगों से पैसा जुटाया गया, उनमें अमेरिकी कंपनियां भी शामिल हैं।

US डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के अभियोग के अलावा US SEC ने भी गौतम अदाणी, सागर अदाणी और एज्योर पावर ग्लोबल के एग्जीक्यूटिव सिरिल कैबेन्स पर एक बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी योजना को लेकर आरोप लगाए हैं।

याचिका में सेबी पर भी साधा निशाना

नई याचिका में सेबी के आचरण को भी मेंशन किया गया है। तर्क दिया गया है कि अदाणी मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देशित जांच के निष्कर्षों का खुलासा नहीं किया गया है। याचिका में कहा गया है कि इससे कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी में विश्वास कम होता है। हिंडनबर्ग मामले में मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को शेयर की कीमतों में हेरफेर, सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट नियमों के उल्लंघन और रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शंस का खुलासा करने में कथित विफलता के आरोपों पर अदाणी की जांच करने का निर्देश दिया था। नई याचिका में निवेशकों का विश्वास खोने से बचाने के लिए सेबी की जांच के निष्कर्षों का खुलासा करने की मांग की गई है।

अदाणी की किसी कंपनी पर कोई कानूनी मामला नहीं, केस के डिटेल्ड रिव्यू के बाद समय पर देंगे जवाब: ग्रुप CFO

US SEC ने गौतम अदाणी को भेजा समन

अदाणी समूह के फाउंडर और चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी को अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने समन भेजा है। US SEC ने अदाणी को उन पर लगे आरोपों पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए तलब किया है। समन में US SEC को 21 दिनों के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।