अडानी ग्रुप (Adani Group) के सीमेंट बिजनेस को गौतम अडानी (Gautam Adani) के बड़े बेटे करण अडानी (Karan Adani) देखेंगे। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। अडानी ग्रुप ने 10.5 अरब डॉलर की लागत से मई में दो सीमेंट कंपनियों को खरीदा था, जिसका अधिग्रहण अब पूरा हो चुका है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अपने बेटे को सीमेंट कारोबार का कमान सौंपने के अलावा वह कई सीनियर एग्जिक्यूटिव्स को भी हायर करने की तैयारी कर रहे हैं, जो बिजनेस को बढ़ाने में मदद करने के साथ करण को सलाह-मशविरा भी देंगे।
35 वर्षीय करण, फिलहाल अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि उन्हें एक इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक फर्म बनाने के लिए ग्रुप के पोर्ट और सीमेंट बिजनेस के बीच तालमेल बिठाने की उम्मीद हैं। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया कि करण नियुक्ति के बारे में अगले कुछ दिनों में आधिकारिक रूप से ऐलान किया जा सकता है।
बता दें कि गौतम अडानी के लिए यह साल काफी अच्छा रहा है। उनके ग्रुप के सभी कंपनियों के शेयरों में इस साल अब तक भारी उछाल आई है, जिसने धरती के सबसे अमीर लोगों की गिनती में ला दिया है। संपत्ति के मामले में उन्होंने मुकेश अंबानी, बिल गेट्स और वॉरेन बफे जैसे दिग्गज लोगों को पीछे छोड़ दिया है और अब वह जेफ बेजोस को पीछे छोड़ दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी बनने की दावेदारी कर रहे हैं।
कोयले की बढ़ती कीमतों और शेयरों में तेज उछाल ने उनकी संपत्ति बढ़ाने में अहम योगदान दिया। साथ ही इसने अडानी ग्रुप को अपनी महत्वाकांक्षाओं को अमलीजामा पहनाने का भी साहस किया। अडानी ग्रुप अब कमोडिटी और फॉसिल फ्यूल के अपने पारंपरिक बिजनेस से काफी आगे बढ़कर एयरपोर्ट, मीडिया, डिजिटल सेवाएं और टेलीकॉम बिजनेस तक में उतर रहा है। अडानी ग्रुप इसके अलावा ग्रीन एनर्जी पर भी 70 अरब डॉलर का दांव लगा रहा है।
हालांकि, इस साल अडानी का सबसे बड़ा खर्च सीमेंट पर रहा है। अडानी ग्रुप ने मई में स्विट्जरलैंड की होल्सिम लिमिटेड से अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और एसीसी लिमिटेड को खरीद लिया और अब वह भारत की दूसरा सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी बन गई है।