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GoFirst का जमीन पर आना Wadia Group के स्वर्णिम अतीत पर काले धब्बे जैसा

वाडिया ग्रुप देश के सबसे पुराने कारोबारी समूहों में से एक है। Bombay Dyeing और Bombay Burmah 100 साल से ज्यादा पुरानी कंपनियां हैं। इस समूह के पास अरबों रुपये की जमीन है। एक समय कारोबारी और राजनीतिक हलकों में नुसली वाडिया की धाक की चर्चा होती थी

MoneyControl Newsअपडेटेड May 03, 2023 पर 4:41 PM
GoFirst का जमीन पर आना Wadia Group के स्वर्णिम अतीत पर काले धब्बे जैसा
नुसली वाडिया और उनके बेटे जहांगीर वाडिया के बीच बढ़ते मतभेद का असर भी इस समूह पर पड़ा है। जहांगीर ने 2021 में पहले गोफर्स्ट एयरलाइंस के मैनेजिंग डायरेक्ट पद से इस्तीफा दिया। बाद में उन्होंने बॉम्बे डाइंग से भी खुद को अलग कर लिया। आखिर में उन्होंने इस समूह की सभी कंपनियों के बोर्ड से नाता तोड़ लिया।

GoFirst का इनसॉल्वेंसी अप्लिकेशन का फैसला वाडिया ग्रुप के लिए बड़ा झटका है। एक समय देश के सबसे बड़े कारोबारी समूह में शामिल इस समूह की चमक फीकी पड़ती दिख रही है। जहां तक गोफर्स्ट की बात है तो उसकी मुश्किल पिछले कुछ समय से बढ़ रही थी। FY22 की एनुअल रिपोर्ट में बहुत ज्यादा नुकसान के बाद इसके खराब दिन शुरू हो गए। कंपनी के मैनेजमेंट ने पिछले कुछ महीनों में ऑपरेशन प्रॉब्लम को उसकी खराब स्थिति के लिए जिम्मेदार बताया है। दरअसल, इसके आधे से ज्यादा विमान पिछले काफी समय से जमीन पर खड़े हैं। इसकी वजह यह है कि Pratt & Whiney (P&W) गोफर्स्ट को इंजन की सप्लाई करने में नाकाम रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह बात कही है। लेकिन, इस एयरलाइन को जमीन पर लाने में कुछ दूसरी बातों का भी हाथ है।

6,521 करोड़ रुपये का लोन बकाया

गोफर्स्ट पर बैंकों का 6,521 करोड़ रुपये का लोन बकाया है। गोफर्स्ट ने कभी वाडिया समूह के प्रॉफिट में योगदान नहीं किया। इसके उलट इसे लगातार निवेश की जरूरत पड़ती रही। वाडिया समूह की दूसरी कंपनियों में Bombay Bumrah और Bombay Dyeing शामिल हैं। इन दोनों की चमक भी काफी कम पड़ी है। उधर, ग्रुप की चौथी कंपनी Britannia की मौजूदगी प्रीमियम बिस्कुट्स के जरिए घर-घर में रही है। मध्यम वर्ग का शायद ही कोई व्यक्ति हो जिसने ब्रिटानिया का बिस्कुट नहीं खाया हो। कुछ दशक पहले तक बिस्कुट का मतलब ब्रिटानिया होता था।

Bombay Dyeing लगातार लॉस में

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