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Gofirst की सेवाएं जल्द फिर से शुरू हो सकती हैं, Wadia Group ने ऑपरेशन स्टार्ट करने के लिए बैंकों से मांगा कर्ज

GoFirst ने 10 मई को इनसॉल्वेंसी की याचिका दाखिल की थी। इसने अपनी सभी हवाई सेवाएं भी बंद करने का ऐलान किया था। NCLT ने कंपनी की याचिका स्वीकार कर ली है। उसने इसे बैंकरप्सी प्रोटेक्शन दिया है और लेजर्स को अपने विमान वापस लेने की इजाजत नहीं दी है

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jun 01, 2023 पर 12:57 PM
Gofirst की सेवाएं जल्द फिर से शुरू हो सकती हैं, Wadia Group ने ऑपरेशन स्टार्ट करने के लिए बैंकों से मांगा कर्ज
Bank of Baroda, Central Bank of India, Deutsche Bank और IDBI Bank ने गोफर्स्ट को 6,521 करोड़ रुपये कर्ज दिए हैं। सबसे ज्यादा 1,987 करोड़ रुपये का कर्ज सेंट्रल बैंक ने दिया है।

Wadia Group जितना जल्द हो सके GoFirst की हवाई सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए फंड जुटाने की कोशिश कर रहा है। उसने बैंक और दूसरी संस्थाओं से 225 करोड़ रुपये कर्ज लेने के लिए बातचीत शुरू की है। मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी। इस एयलाइन को कर्ज देने वाले बैंकों में से एक ने बताया कि गोफर्स्ट ने सेवाएं शुरू करने के लिए कर्ज मांगा है। कंपनी 225 करोड़ रुपये का नया कर्ज चाहती है। इनसॉल्वेंट कंपनी अपनी सेवाएं जारी रखने के लिए IRP (Interim Resolution Professional) के जरिए कर्ज ले सकती है।

बैंक NCLT के फ्रेमवर्क के तहत दे सकते हैं कर्ज

बैंकों ने बताया है कि चूंकि NCLT में कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत इनसॉल्वेंसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है इसलिए कर्ज देने वाले बैंक गोफर्स्ट की मांग पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, एक बैंक ने कहा कि बैंक सिर्फ NCLT के फ्रेमवर्क के तहत कर्ज देने की कोशिश करेंगे। इससे पहले खबर आई थी कि बैंकों का कहना है कि जब तक रिजॉल्यूशन प्रोसेस पूरा नहीं हो जाता, वे गोफर्स्ट को लोन नहीं देंगे।

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