GST News: पिछले महीने मई में जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) कलेक्शन सालाना आधार पर 3% से अधिक रफ्तार से बढ़ा लेकिन अप्रैल के आंकड़े से यह कमजोर रहा। अप्रैल महीने में सरकार को रिकॉर्ड जीएसटी हासिल हुई थी। जीएसटी के लेटेस्ट आंकड़े आज सामने आए हैं। सरकार की तरफ से जारी इन आंकड़ों के मुताबिक पिछले महीने मई 2026 में जीएसटी कलेक्शन का आंकड़ा सालाना आधार पर 3.2% की रफ्तार से बढ़कर ₹1,94,184 करोड़ पर पहुंच गया। जीएसटी कलेक्शन में यह बढ़ोतरी सप्लाई में सुधार और आयात से मिलने वाले टैक्स कलेक्शन में लगातार बढ़ोतरी के चलते हुई। पिछले साल मई 2025 में ₹1,88,172 करोड़ की ग्रास जीएसटी कलेक्ट हुई थी और अप्रैल 2026 में यह ₹2,42,702 करोड़ के रिकॉर्ड लेवल पर था।
घरेलू लेनदेन से मई में सीजीएसटी कलेक्शन ₹37,397 करोड़, एसजीएसटी ₹45,143 करोड़ और आईजीएसटी ₹51,990 करोड़ रहा। मई महीने में सालाना आधार पर टैक्सेबल गुड्स की सप्लाई में 26.9% की तेजी हुई, जो घरेलू मांग को दिखाता है तो सर्विसेज सेक्टर में यह बढ़ोतरी 22.2% रही जो घरेलू खपत की मजबूती को दिखाती है।
मई महीने में ₹1,94,184 करोड़ के जीएसटी कलेक्शन का जो आंकड़ा है, वह ग्रास है। इसमें से रिफंड को निकाल दिया जाए तो सरकार को ₹1,66,904 करोड़ जीएसटी मिली जोकि सालाना आधार पर 3.3% है। मई महीने में सालाना आधार पर रिफंड भी 2.6% बढ़कर ₹27,281 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान घरेलू रिफंड में 4.3% तो निर्यात से जुड़े रिफंड में 16.6% का उछाल आया।
घरेलू मोर्चे पर जीएसटी रेवेन्यू में गिरावट
मई महीने में ग्रास डोमेस्टिक जीएसटी रेवेन्यू 2.6% गिरकर ₹1.34 लाख करोड़ पर आ गया। वहीं आयात से जीएसटी कलेक्शन बढ़ा और सालाना आधार पर यह 19.1% उछलकर मई में ₹59,654 करोड़ पर पहुंच गया। नेट डोमेस्टिक रेवेन्यू की बात करें तो इसमें 2.3% की गिरावट आई जबकि आयात से नेट जीएसटी तेजी से 19.7% बढ़कर ₹49,403 करोड़ पर पहुंच गया।
केपीएमजी के इनडायरेक्ट टैक्स हेड और पार्टनर अभिषेक जैन के मुताबिक आयात से जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी की एक वजह रुपये की कमजोरी हो सकती है। उन्होंने इस बात को लेकर उत्साह दिखाया कि निर्यात आईजीएसटी रिफंड लगातार तेजी आ रही है जो एक्सपोर्टर्स को लिक्विडिटी बनाए रखने और देश की सप्लाई चेन को कॉम्पटीटिव बनाने रखने में अहम भूमिका निभाता है।