HDFC Chairman : भारत के लिए इतना आशावादी कभी नहीं रहा जितना आज हूं, Deepak Parekh ने क्यों कही यह बात?

HDFC Chairman Deepak Parekh : एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा कि दुनिया मुश्किल दौर से गुजर रही है और इसका असर भारत पर भी पड़ेगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह कई बार कह चुके हैं कि वह भारत के लिए कभी इतने आशावादी नहीं रहे, जितने आज हैं। भारत को अगले दो साल के दौरान कई अवसर मिलेंगे। भारत कम से कम 6.5 फीसदी या ज्यादा रफ्तार से आगे बढ़ सकता है

अपडेटेड Jan 27, 2023 पर 11:02 AM
HDFC Chairman Deepak Parekh ने कहा, उन्हें लगता है कि केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी का दौर अब पीछे छूट चुका है

HDFC Chairman Deepak Parekh : एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा कि दुनिया मुश्किल दौर से गुजर रही है और इसका असर भारत पर भी पड़ेगा। लेकिन एक देश के रूप में भारत के लिए पॉजिटिव बातें ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि वह कई बार कह चुके हैं कि वह भारत के लिए कभी इतने आशावादी नहीं रहे, जितने आज हैं। पारेख ने मनीकंट्रोल को दिए एक एक्सक्लूजिव इंटरव्यू में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत को अगले दो साल के दौरान कई अवसर मिलेंगे। ग्लोबल ग्रोथ की तर्ज पर चीन की ग्रोथ सुस्त पड़ रही है। यह महज 2 फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि भारत कम से कम 6.5 फीसदी या ज्यादा रफ्तार से आगे बढ़ सकता है।

ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी का दौर बीता

ब्याज दरों में बढ़ोतरी के सवाल पर पारेख ने कहा, “दरें तेजी से बढ़ी हैं लेकिन मैं भारत को एक बार में 75 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी करते नहीं देखता। वहीं, अमेरिका 50 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ोतरी से पहले ऐसा चार बार कर चुका है। भारत में हमें कम आय वाली कैटेगरीज का ध्यान रखना है, हमें सरकारी उधारी का ध्यान रखना है और राजकोषीय मजबूती भी बनी रहनी चाहिए। जहां तक महंगाई को काबू में करने की बात है तो आरबीआई की रणनीति सही रही है। उसने ग्रोथ को भी ध्यान में रखा है। मुझे लगता है कि केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी का दौर अब पीछे छूट चुका है।”


कब होगा एचडीएफसी का मर्जर

एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक के मर्जर पर वह कहते हैं कि आरबीआई की हर नई पॉलिसी में एनबीएफसी कंपनियों पर सख्ती बढ़ती जा रही थी। इसलिए, एनबीएफसी के लिए लचीलापन घटता जा रहा था और कई एनबीएफसी का पतन हो गया था। इस प्रकार, नए नियमों के पूरी तरह लागू होने से पहले मर्जर जरूरी हो गया था।

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पारेख ने कहा कि इस मर्जर से एचडीएफसी बैंक को लंबी अवधि के लोन मिलेंगे, जिससे रिटेल पोर्टफोलियो के लिए अवधि में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा बैंक अपने बड़े कस्टमर बेस को ज्यादा क्रॉस सेलिंग प्रोडक्ट्स देने में सक्षम हो जाएगा। मर्जर की टाइमलाइन पर पारेख ने कहा कि मर्जर प्रोसेस उम्मीद के अनुरूप बढ़ रहा है। इसके अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, कोई निश्चित टाइमलाइन बताना मुश्किल है, क्योंकि रेगुलेटरी प्रोसेस में कोर्ट हियरिंग और भारत के साथ-साथ अमेरिकी रेगुलेटर्स की मंजूरी भी शामिल है।

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