दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी बीयर कंपनी हेनेकेन एनवी (Heineken NV) अगले साल से अपनी बीयर के दाम (Beer Price) बढ़ाने की तैयारी कर रही है। दुनिया के कई देशों और खासकर यूरोप में कच्चे माल और एनर्जी की कीमतों में उछाल के चलते Heineken NV की लागत में इजाफा हुआ है, जिसे कम करने के लिए वह कीमतों में बढ़ोतरी का सहारा ले सकती है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक Heineken NV को एनर्जी लागत में खासतौर से यूरोप में बढ़ोतरी के साथ अगले साल अपनी इनपुट लागत में प्रति हेक्टोलीटर 15-19% की बढ़ोतरी का अनुमान है।
Heineken NV ने कहा कि वह इनपुट लागत में बढ़ोतरी के असर को कम करने के लिए 'स्थानीय बाजार की स्थितियों के मुताबिक जिम्मेदारी से" कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही है। कंपनी ने कहा कि हालांकि इसके बावजूद उसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट अगले साल नेट रेवेन्यू से कम रहने की संभावना है।
बीयर कंपनी इस साल मोटे तौर पर कीमतों में बढ़ोतरी कर अपने मार्जिन को बचाने और बढ़ती लागत के असर को कम करने में कामयाब रही थी। हालांकि कस्टमर कीमतों में कितनी बढ़ोतरी सह सकता है, इसकी भी एक सीमा होती है। पिछले एक साल में तेजी से बढ़ी महंगाई और फूड और एनर्जी की कीमतों में उछाल ने पहले ही उसकी क्रय शक्ति को काफी कम कर दिया है।
नीदरलैंड की इस बीयर कंपनी ने कहा कि उसे अगले साल अपनी बिक्री में स्थिर से लेकर मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है। कंपनी ने कहा कि यूरोप में वह अपनी बिक्री में गिरावट, वहीं विकासशील देशों में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रही है।
KingFiser बीयर के भी बढ़ेंगे दाम?
बता दें कि Heineken NV के पास भारत में अपनी खुद की बीयर 'Heineken' के अलावा 'किंगफिशर (KingFiser)' ब्रांडनेम से बीयर बनाने वाली कंपनी यूनाइटेड ब्रुअरीज का भी मालिकाना हक है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी के फैसले का असर 'किंगफिशर' पर भी देखने को मिल सकता है।