पर्सनल लोन लेते समय सिर्फ आपका क्रेडिट स्कोर ही मायने नहीं रखता, बल्कि बैंक और लेंडर आपकी नौकरी की स्थिरता, सैलरी और यहां तक कि आपके एम्प्लॉयर की रेपुटेशन भी चेक करते हैं. आसान शब्दों में कहें तो आपका जॉब स्टेटस सीधा असर पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी, पर्सनल लोन रेट्स और EMI पर डालता है.
