IIP Growth: अगस्त में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन 8% बढ़ा, मैन्युफैक्चरिंग ने दिया बड़ा सहारा

IIP Growth: अगस्त में भारत का औद्योगिक उत्पादन 8% बढ़ा। मैन्युफैक्चरिंग 9% बढ़ी, जबकि बिजली उत्पादन में 12.3% की तेजी रही। 23 में से 18 इंडस्ट्री ग्रुप में ग्रोथ दर्ज हुई। कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने भी जोर दिखाया। समझिए पूरी तस्वीर।

अपडेटेड Sep 28, 2026 पर 4:53 PM
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IIP में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी तीन-चौथाई से ज्यादा है।

IIP Growth: भारत की औद्योगिक गतिविधियों में अगस्त में अच्छी तेजी दिखी। इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स यानी IIP में सालाना आधार पर 8% की बढ़ोतरी हुई। जुलाई में IIP की ग्रोथ 6.7% थी।

मैन्युफैक्चरिंग और बिजली उत्पादन में तेज बढ़ोतरी से IIP को सबसे ज्यादा सहारा मिला। वहीं माइनिंग सेक्टर की हालत कमजोर रही।

मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ 9% रही


IIP में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी तीन-चौथाई से ज्यादा है। अगस्त में इस सेक्टर का उत्पादन 9% बढ़ा। एक साल पहले अगस्त में इसकी ग्रोथ सिर्फ 3.6% थी।

मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ लगातार तीसरे महीने 8% या उससे ज्यादा रही है। इससे फैक्ट्रियों में कामकाज बढ़ने के संकेत मिलते हैं।

बिजली और पानी की सप्लाई भी बढ़ी

अगस्त में बिजली और गैस की सप्लाई 12.3% बढ़ी। पानी की सप्लाई, सीवरेज और वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी गतिविधियों में भी 6.3% की बढ़ोतरी हुई।

दूसरी तरफ माइनिंग सेक्टर में 5.6% की गिरावट आई। फ्यूल मिनरल्स 5.7% और नॉन-मेटैलिक मिनरल्स 12.8% घटे। हालांकि, मेटैलिक मिनरल्स में 5% की बढ़ोतरी हुई। अगस्त में IIP इंडेक्स 123.3 रहा। एक साल पहले यह 114.2 था।

18 इंडस्ट्री ग्रुप में बढ़ी ग्रोथ

मैन्युफैक्चरिंग में ग्रोथ काफी व्यापक रही। 23 में से 18 इंडस्ट्री ग्रुप में अगस्त के दौरान उत्पादन बढ़ा। इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट का उत्पादन 30.9% बढ़ा। अन्य ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट में 25.3% और मोटर व्हीकल, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर में 25.2% की बढ़ोतरी हुई।

रबर और प्लास्टिक प्रोडक्ट्स का उत्पादन 21.4% बढ़ा। कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक और ऑप्टिकल प्रोडक्ट्स में 19.3% की ग्रोथ रही। फैब्रिकेटेड मेटल प्रोडक्ट्स का उत्पादन 16.9% बढ़ा।

ऑटो सेक्टर को भी मिला सहारा

ऑटो सेक्टर में उत्पादन बढ़ा। इसमें ऑटो कंपोनेंट्स, पैसेंजर कारों और कमर्शियल व्हीकल्स का योगदान रहा। इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट में स्विचिंग और सर्किट प्रोटेक्शन इक्विपमेंट, ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टर, UPS सिस्टम और सॉलिड-स्टेट ड्राइव्स की मांग से ग्रोथ को सहारा मिला।

अन्य ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट में दोपहिया, रेलवे रोलिंग स्टॉक और मोटरसाइकिल कंपोनेंट्स का योगदान रहा। हालांकि, हर सेगमेंट में तेजी नहीं रही। कपड़ों के उत्पादन में 7.4% की गिरावट आई। तंबाकू उत्पादों का उत्पादन 8% घटा। कोक और रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स में 0.6% और केमिकल्स में 0.5% की गिरावट रही।

कैपिटल गुड्स में 16.9% की ग्रोथ

इस्तेमाल के आधार पर देखें तो निवेश से जुड़े सेगमेंट में अच्छी तेजी रही। अगस्त में कैपिटल गुड्स का उत्पादन 16.9% बढ़ा। जुलाई में इसमें 19% की ग्रोथ हुई थी।

इंटरमीडिएट गुड्स में 13.7% की बढ़ोतरी हुई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स का उत्पादन भी 11.1% बढ़ा। इससे गाड़ियों, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान जैसी चीजों की मांग में मजबूती के संकेत मिलते हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सामान भी बढ़े

अगस्त में इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स का उत्पादन 6.4% बढ़ा। प्राइमरी गुड्स में 3.5% की बढ़ोतरी हुई। वहीं कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स की ग्रोथ सिर्फ 2.1% रही। यानी इस सेगमेंट में तेजी बाकी हिस्सों के मुकाबले धीमी रही।

अगस्त में इंटरमीडिएट गुड्स, कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने IIP की कुल ग्रोथ में सबसे ज्यादा सकारात्मक योगदान दिया।

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