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WTO : भारत और ब्राजील ने चीनी विवाद सुलझाने के लिए शुरू की बातचीत, जानिए डिटेल

चीनी विवाद को सुलझाने के लिए ब्राजील भारत के साथ एथनॉल प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी शेयर कर सकता है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। यह एथनॉल प्रोडक्शन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली टेक्नोलॉजी में भी लीडर है। ब्राजील दुनिया में गन्ना और एथनॉल का सबसे बड़ा उत्पादक है

Edited By: Shubham Singh Thakurअपडेटेड Sep 17, 2023 पर 8:58 PM
WTO : भारत और ब्राजील ने चीनी विवाद सुलझाने के लिए शुरू की बातचीत, जानिए डिटेल
भारत और ब्राजील ने WTO में चीनी से जुड़े व्यापार विवाद को आपस में सुलझाने के लिए बातचीत शुरू कर दी है।

भारत और ब्राजील ने वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (WTO) में चीनी से जुड़े व्यापार विवाद को आपस में सुलझाने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। इस विवाद को सुलझाने के लिए दक्षिण अमेरिकी देश भारत के साथ एथनॉल प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी शेयर कर सकता है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। यह एथनॉल प्रोडक्शन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली टेक्नोलॉजी में भी लीडर है। ब्राजील दुनिया में गन्ना और एथनॉल का सबसे बड़ा उत्पादक है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है।

अधिकारी ने और क्या कहा?

अधिकारी ने कहा, "विवाद को सुलझाने के हमारे प्रयासों के तहत कुछ दौर की बातचीत हुई है। हमने यहां अंतर-मंत्रालयी बैठकें भी की हैं। ब्राजील ने कहा है कि वह हमारे साथ एथनॉल प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी साझा करेगा। यह एक सकारात्मक बात है।" जिनेवा स्थित मल्टी लेटरल बॉडी में विवाद को सुलझाने के लिए भारत को म्यूचुअली एग्रीड सॉल्यूशन (MAS) के तहत अपनी ओर से भी कुछ ऑफर करना होगा। WTO नियमों के अनुसार वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन के किसी भी सदस्य को अगर लगता है कि कोई व्यापार उपाय डब्ल्यूटीओ नियमों के खिलाफ है, तो वह जिनेवा में मामला दायर कर सकता है।

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