भारत और अमेरिका के बीच अगले 90 दिनों में एक आंशिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इस मामले से जूड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है। यह कवायद ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को छोड़कर बाकी सभी देशों पर लगाए गए ऊंचे टैरिफ को 90 दिनों के लिए रोकने का आदेश दिया है। इसमें भारत भी शामिल हैं। सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, भारत इन 90 दिनों में तीन-स्तरीय रणनीति अपनाने जा रहा है। इसका लक्ष्य व्यापारिक रिश्तों को मजबूती देना और घरेलू इंडस्ट्रीज और कंपनयों को सुरक्षा मुहैया कराना है।
पहला मोर्चा: अमेरिका के साथ व्यापार समझौता
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित आंशिक व्यापार समझौते में जरूरी और गैर-संवेदनशील उत्पादों को शामिल किए जाने की उम्मीद है। सरकार कुछ अमेरिकी वस्तुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती पर भी विचार कर रही है। इसके बदले में, अमेरिका भारत को कुछ वस्तुओं पर स्थायी टैरिफ राहत दे सकता है। सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में भारत के विदेश मंत्रालय और अमेरिकी प्रशासन के बीच अब तक कई दौर की चर्चाएं हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री और फाइनेंस मंत्रालय भी इस बातचीत में शामिल हैं।
व्यापार जोखिमों में विविधता लाने के लिए, भारत ने यूरोपीय यूनियन (EU) और यूनाइटेड किंगडम (UK) के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। इन समझौतों को लेकर वार्ता अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और सरकार जल्द से जल्द इन पर सहमति बनाना चाहती है।
तीसरा मोर्चा: चीन से आयात और डंपिंग पर रोक
घरेलू बाजार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, भारत चीनी वस्तुओं की डंपिंग रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाने जा रहा है। इस दिशा में सरकार "क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO)" को कड़ाई से लागू करेगी, ताकि घटिया क्वालिटी वाली चीनी वस्तुएं भारत में प्रवेश न कर सकें। इसके लिए एक कई मंत्रालयों को मिलाकर एक समूह का गठन किया गया है, जो इन पहलुओं पर नजर रखेगा और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।