भारत में महंगाई (Inflation) 15 महीनों के उच्च-स्तर पर पहुंचने के साथ ही अपने चरम पर पहुंच गई है और यहां से अब इसके धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है। फाइनेंस सेक्रेटरी टीवी सोमनाथन ने गुरुवार 17 अगस्त को ये बातें कहीं। भारत सरकार की ओर से 14 अगस्त को जारी हालिया आंकड़ों के मुताबिक, देश की खुदरा महंगाई (Retail Inflation) जुलाई में बढ़कर 7.44 फीसदी रही। यह अर्थशास्त्रियों की ओर से जताए गए 6.6 फीसदी के अनुमान से कही अधिक था। इसके अलावा यह पिछले 5 महीनों में पहली बार था जब महंगाई दर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से तय 2 से 6% के दायरे से अधिक रही।
सोमनाथन ने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि सरकार मंहगाई पर लगाम लगाने के लिए और कदम उठाती रहेगी लेकिन किसी भी तरह की त्वरित प्रतिक्रिया से बचें।
बाजार और आरबीआई जुलाई में महंगाई दर में उछाल के लिए पहले से तैयार थे। RBI ने 10 अगस्त को सितंबर तिमाही के लिए अपने महंगाई दर के अनुमान को एक फीसदी बढ़ाकर 6.2 फीसदी कर दिया था। हालांकि इसकी मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी ने लगातार तीसरी बार मीटिंग में रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा था।
क्या सरकार क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने को लेकर भी चिंतित है, इस सवाल पर सोमनाथन ने कहा कि कीमतें अबतक मैनेज किए जा सकने वाले लेवल पर रही है। चीन में धीमी ग्रोथ और अमेरिका में ब्याज दरों के फिर से बढ़ने की संभावना ने दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में फ्यूल की मांग को प्रभावित किया है। इसके चलते क्रूड ऑयल की कीमतें पिछले हफ्ते करीब 5 फीसदी तक गिर गई थीं। जबकि 10 अगस्त तक इसके दाम अपने 9 महीनों के सबसे ऊंचे स्तर पर थे।
सोमनाथन के मुताबिक, सरकार ने महंगाई पर लगाम लगाने के लिए पहले ही पर्याप्त संख्या में कदम उठाए हैं और सब्जियों के दाम जल्द ही कम होने शुरू होने चाहिए। खुदरा महंगाई दर में उछाल में सब्जियों के दाम की भी अहम भूमिका रही है। इसके अलावा दाल, मसालों और अनाज जैसे खाने-पीने की चीजों की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं।
सरकार ने इन बढ़ते कीमतों को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं। इसमें सरकारी एजेंसियों के जरिए सस्ते भाव टमाटर की बिक्री, चावल की कुछ खास किस्मों के निर्यात पर रोक और खुले बाजार में गेहूं बेचने जैसे कदम शामिल हैं।