कंज्यूमर इंटरनेट ग्रुप इन्फो एज (Info Edge) ने अपनी पोर्टफोलियो कंपनी 4बी नेटवर्क्स के फाउंडर राहुल यादव और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। इन पर फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी ऑलचेकडील्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (AIPL) की ओर से दर्ज की गई शिकायत पर, 4बी नेटवर्क्स से जुड़े राहुल यादव, देवेश सिंह, प्रतीक चौधरी, संजय सैनी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ 29 नवंबर, 2024 को मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन ने एक FIR दर्ज की। इन लोगों पर 4बी नेटवर्क्स के फंड से जुड़ी कुछ धोखाधड़ी वाली गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
इन्फो एज, रिक्रूटमेंट, मैट्रिमोनी, रियल एस्टेट, एजुकेशन और रिलेटेड सर्विसेज के मामले में देश की दिग्गज ऑनलाइन क्लासिफाइड्स कंपनी है। 4बी नेटवर्क्स को नवंबर 2020 में हाउसिंग डॉट कॉम के फाउंडर राहुल यादव ने शुरू किया था। इसे रियल एस्टेट डेवलपर्स और ब्रोकर्स को एक-दूसरे के साथ कम्युनिकेट करने और इसके प्लेटफॉर्म के जरिए अपना कारोबार संचालित करने में सक्षम बनाने के लिए बनाया गया था।
इन्फो एज का 4B Networks में कितना निवेश
इन्फो एज ने 2021 की शुरुआत से कई राउंड में ऑलचेकडील्स इंडिया के जरिए 4बी नेटवर्क्स में कुल 288 करोड़ रुपये का निवेश किया और लगभग 59 प्रतिशत हिस्सेदारी रखी। पिछले साल इन्फो एज ने उस वक्त एक फोरेंसिक ऑडिट शुरू किया, जब 4बी नेटवर्क्स अपने ऑपरेशंस, मैनेजमेंट, वित्तीय लेनदेन की डिटेल्स और रिलेटेड पार्टीज के साथ लेनदेन के बारे में जानकारी इन्फो एज को देने में विफल रही। इसके बाद इन्फो एज ने पिछले साल जुलाई में दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और दोनों कंपनियों ने अदालत के आदेश के मुताबिक मध्यस्थता यानि आर्बिट्रेशन का रास्ता अपनाया।
पिछले साल आर्थिक अपराध शाखा में की शिकायत
इन्फो एज समूह ने अगस्त 2023 में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसमें 4बी नेटवर्क्स और उसके फाउंडर यादव पर 4बी रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ 'संदिग्ध लेनदेन' करने का आरोप लगाया गया। 4बी रियलटेक कथित तौर पर यादव के एक सहयोगी द्वारा शुरू की गई कंपनी है। इन्फो एज को 4बी नेटवर्क्स में अपने निवेश को बट्टे खाते में डालने से कुल 532 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि स्टार्टअप में इन्फो एज का नकद निवेश 288 करोड़ रुपये था। बाकी नुकसान स्टार्टअप की पहले की हाई वैल्यूएशन से हुआ। इन्फो एज का पूरा निवेश बट्टे खाते में डाले जाने से पहले स्टार्टअप की वैल्यूएशन 719 करोड़ रुपये थी।