इनवेस्टमेंट गुरु जिम रोजर्स (Jim Rogers) को लगता है कि बैंकिंग सेक्टर में मौजूदा ग्लोबल उथल-पुथल अभी खत्म नहीं हुआ है और यह धीरे-धीरे 2008 से भी बहुत बड़ा संकट बन सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में कर्ज का स्तर आसमान छू गया है, जिससे स्थिति नाजुक बन सकती है। मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने महंगाई के मुद्दे की तरफ भी ध्यान दिलाया और आगाह किया कि केंद्रीय बैंकों की नीतियों में नरमी से पहले ब्याज दरें बहुत अधिक बढ़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि इतिहास को देखने पर पता चलता है कि वित्तीय संकट आमतौर पर अलग-अलग घटनाओं के रूप में शुरू होता है।
