जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) और इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के बीच आज सेटलमेंट हो गया है। दोनों कंपनियों इसकी जानकारी नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) को दे दी है। सेटलमेंट एग्रीमेंट के तहत जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज इंडसइंड बैंक के बकाए को 30 जून तक या सोनी के साथ विलय सौदा पूरा होने के सात दिनों के भीतर चुका देगी। बकाए का कुछ हिस्सा पहले ही समझौते के तहत चुका दिया गया है। इसका असर जी के शेयरों पर भी दिख रहा है और आज यह करीब पांच फीसदी उछलकर बीएसई पर 219.45 रुपये पर पहुंच गया।
इंडसइंड बैंक की याचिका के चलते जी और सोनी के विलय पर सवालिया निशान लग गया था। हालांकि अब इंडसइंड बैंक इस विलय के खिलाफ अपनी आपत्तियों को वापस लेगा। दोनों के बीच हुए समझौते में एक क्लॉज कान्सक्वेन्स टर्मिनेशन का है यानी कि सौदे से पीछे हटने पर इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ट्रिब्यूनल ने इस मामले को 3 जुलाई को लिस्ट कर लिया है।
इंडसइंड बैंक ने एस्सेल ग्रुप के Siti Networks को 150 करोड़ रुपये का लोन दिया था और जी इसकी गारंटर थी। इंडसइंड बैंक का दावा है कि जी डेट सर्विस रिजर्व अकाउंट गारंटी एग्रीमेंट (DSRA) का पालन करने में फेल रही और बैंक ने 83 करोड़ रुपये के बकाए के लिए याचिका दायर किया। एनसीएलटी मुंबई ने 22 फरवरी को जी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया को मंजूरी दी। जी के मालिक पुनीत गोयनका एनसीएलटी के फैसले के खिलाफ एनसीएलएटी में याचिका दायर किया। फरवरी में ही जी को राहत मिल गई।
पिछले साल ही सितंबर 2022 में दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि इंडसइंड बैंक बैंकरप्सी कोर्ट में जी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू कर सकता है, चाहे कोर्ट में मामला चल ही रहा हो। इस दिवालिया प्रक्रिया के चलते जी और सोनी के बीच विलय सौदे पर संकट मंडरा रहा था लेकिन अब स्थिति बेहतर हो गई है।