Rupee Record Low: रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया! 1 डॉलर की कीमत 95.75 रुपये पहुंची, जानिए क्यों बढ़ रही चिंता

Rupee Record Low: डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 95.75 तक पहुंच गया। सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाने के बावजूद कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, मजबूत डॉलर और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड May 13, 2026 पर 2:28 PM
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13 मई को डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 95.75 तक पहुंच गया।

Rupee Record Low: बुधवार 13 मई को डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 95.75 तक पहुंच गया। दिन की शुरुआत में रुपये में हल्की मजबूती देखने को मिली थी, लेकिन बाद में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर की मजबूती के दबाव में रुपया फिर टूट गया।

इससे पहले मंगलवार 12 मई को भी रुपया 40 पैसे टूटकर 95.68 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। यानी लगातार दूसरे कारोबारी दिन रुपये पर दबाव देखने को मिला है।

शुरुआत में क्यों मजबूत हुआ रुपया


शुरुआती कारोबार में रुपया अपने पिछले बंद स्तर से 16 पैसे मजबूत होकर 95.52 प्रति डॉलर तक पहुंच गया था। बाजार को उम्मीद थी कि सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ने के बाद डॉलर की मांग कुछ कम हो सकती है। इसी वजह से रुपये को शुरुआती सपोर्ट मिला।

सरकार ने क्या कदम उठाया

सरकार ने हाल में सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है। सरकार का मकसद गोल्ड और सिल्वर आयात कम करना और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को घटाना है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, जिससे डॉलर की मांग बढ़ती है।

फिर क्यों टूट गया रुपया

हालांकि शुरुआती मजबूती ज्यादा देर टिक नहीं सकी। बाद में रुपया गिरकर 95.75 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से बाजार का मूड कमजोर बना हुआ है।

एक्सपर्ट क्या मान रहे हैं

फॉरेक्स मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक फिलहाल रुपये की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर इंडेक्स पर निर्भर रहेगी। हालांकि गोल्ड आयात कम करने के सरकारी कदम से रुपये को कुछ सपोर्ट जरूर मिल सकता है।

ग्लोबल मार्केट में क्या हो रहा है

ग्लोबल मार्केट में डॉलर इंडेक्स करीब 98.30 के आसपास मजबूत बना हुआ था। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमत 1 फीसदी से ज्यादा गिरकर करीब 106 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रही थी।

विदेशी निवेशक भी बेच रहे शेयर

एक्सचेंज डेटा के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII मंगलवार 12 मई को भी बिकवाली करते रहे। उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में 1959.39 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार और रुपये दोनों पर दबाव बना रहा।

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