ONGC New Chairman: नियुक्ति के लिए सरकार ने बढ़ाई मैक्सिमम एज लिमिट, अब 5 साल तक का हो सकता है टर्म

ONGC New Chairman: पद 7 दिसंबर को खाली हो जाएगा। 6 दिसंबर 2026 को मौजूदा चेयरमैन अरुण कुमार सिंह का बढ़ा हुआ कार्यकाल खत्म होने वाला है। कैंडिडेट का सिलेक्शन पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से गठित एक सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी द्वारा किया जाएगा

अपडेटेड Jul 05, 2026 पर 1:34 PM
ONGC भारत की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी है।

सरकार ने सरकारी कंपनी ONGC के अगले चेयरमैन की नियुक्ति के लिए योग्यता शर्तों में ढील दी है। इसके तहत अधिकतम उम्र सीमा को बढ़ाकर 59 साल कर दिया गया है। साथ ही अब चुने गए उम्मीदवार को 3 साल का फिक्स्ड टर्म दिया जाएगा, जिसे और 2 साल बढ़ाया जा सकता है। इससे ONGC चेयरमैन बनने के लिए योग्य उम्मीदवारों का दायरा बढ़ गया है। ONGC भारत की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सरकारी कंपनियों में नियुक्तियों के लिए सरकार की एजेंसी 'पब्लिक एंटरप्राइजेज सिलेक्शन बोर्ड (PESB)' ने ONGC के चेयरमैन पद के लिए आवेदन मंगाए हैं। यह पद 7 दिसंबर को खाली हो जाएगा। 6 दिसंबर 2026 को मौजूदा चेयरमैन अरुण कुमार सिंह का बढ़ा हुआ कार्यकाल खत्म होने वाला है। नई नियुक्ति के लिए संशोधित उम्र सीमा सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSEs) में बोर्ड-लेवल की ज्यादातर नियुक्तियों के लिए अपनाए जाने वाले नियमों से अलग है।

कैसे होगा सिलेक्शन और कब तक कर सकते हैं आवेदन


ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के विज्ञापन के अनुसार, उम्मीदवारों की उम्र पद खाली होने की तारीख यानि 7 दिसंबर, 2026 को 59 साल या उससे ज्यादा नहीं होनी चाहिए। चुने गए उम्मीदवार को शुरू में 3 साल के लिए नियुक्त किया जाएगा और परफॉर्मेंस रिव्यू के बाद उनके कार्यकाल को 2 साल और बढ़ाया जा सकता है। विज्ञापन में कहा गया है, "60 साल की उम्र के बाद कोई भी नौकरी या कार्यकाल का विस्तार कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर होगा।" कैंडिडेट का सिलेक्शन सामान्य PESB सिलेक्शन प्रोसेस के बजाय पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से गठित एक सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी द्वारा किया जाएगा।

विज्ञापन के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन 21 जुलाई को बंद हो जाएंगे, जबकि तय तरीकों से आवेदन भेजने की आखिरी तारीख 30 जुलाई है। जिम्मेदारियों की बात करें तो चेयरमैन ONGC के ओवरऑल मैनेजमेंट और स्ट्रैटेजिक डायरेक्शन के लिए जिम्मेदार होंगे। इसमें रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी करना, ONGC के एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन बिजनेस का नेतृत्व करना, अधिग्रहणों और जॉइंट वेंचर्स के जरिए नए एनर्जी और पेट्रोकेमिकल सेक्टर्स में विस्तार की देखरेख करना और पूरी कंपनी में टेक्नोलॉजी को अपनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शामिल है।

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अरुण कुमार सिंह की नियुक्ति के टाइम भी दी गई थी छूट

सरकार ने 2022 में ONGC के मौजूदा चेयरमैन और CEO अरुण कुमार सिंह की नियुक्ति के समय भी इसी तरह की छूट दी थी। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा बनाई गई एक सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी ने उन्हें अगस्त 2022 में उस वक्त चुना था, जब वह 60 साल के होने वाले थे। इस तरह वह इस उम्र में किसी बड़ी सरकारी कंपनी (ब्लू-चिप कंपनी) के चेयरमैन बनने वाले पहले एग्जीक्यूटिव बने। सिंह अक्टूबर 2022 में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पद से रिटायर हुए थे। सरकार द्वारा योग्यता के नियमों में ढील देने के बाद 6 दिसंबर 2022 को उन्होंने ONGC में कार्यभार संभाला।

पिछले साल, केंद्र सरकार ने उन्हें एक साल का खास एक्सटेंशन दिया, जिससे वह 6 दिसंबर 2026 तक ONGC के चेयरमैन बने रह सकें। सरकार ने पिछले साल ही रेगुलर चेयरमैन की तलाश शुरू कर दी थी। PESB ने अप्रैल 2025 में आवेदन मंगाए थे और ऑयल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रंजीत रथ समेत एक दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। हालांकि, कोई इंटरव्यू नहीं हुआ और बिना किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण के सिलेक्शन प्रोसेस बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई।

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