पैरामाउंट स्काईडांस (Paramount Skydance) ने वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी (Warner Bros Discovery) के अधिग्रहण को फिलहाल रोक दिया है। इससे 110 अरब डॉलर की डील पर और अनिश्चितता छा गई है। यह डील तब तक रुकी रहेगी, जब तक कि इस डील के खिलाफ राज्यों की चुनौती पर कोई फैसला नहीं आ जाता। हो सकता है कि यह डील अगले साल जून तक टली रहे। लेकिन यह पैरामाउंट को भारी पड़ने वाला है। रॉयटर्स के मुताबिक, अगर डील में अगले साल जून तक की देरी होती है, तो पैरामाउंट को वार्नर ब्रदर्स के शेयरधारकों को 1.7 अरब डॉलर तक की 'टिकिंग फीस' चुकानी पड़ सकती है।
डील की शर्तों के तहत अगर मर्जर 30 सितंबर 2026 तक पूरा नहीं होता है, तो पैरामाउंट को वार्नर ब्रदर्स के शेयरधारकों को 1 अक्टूबर से लेकर डील होने तक फीस के तौर पर 70 लाख डॉलर प्रतिदिन देने होंगे। रॉयटर्स के मुताबिक, कैलिफोर्निया और 11 अन्य राज्यों ने 13 जुलाई को एक मुकदमा दायर किया था। उनका तर्क था कि पैरामाउंट स्काईडांस और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी की इस डील से एक ऐसी विशाल मीडिया कंपनी बनेगी, जिसके पास फिल्म और टेलीविजन में कीमतें बढ़ाने की ताकत होगी।
रॉयटर्स की हालिया केसों की समीक्षा से पता चला है कि मर्जर को चुनौती देने वाले ऐसे मामलों में जज का फैसला आने में औसतन 8 महीने का समय लगता है। यह मुकदमा ओकलैंड फेडरल कोर्ट में दायर है। मुकदमे से पैरामाउंट के CEO डेविड एलिसन की उस कोशिश के पटरी से उतरने का खतरा पैदा हो गया है, जिसके तहत वे अपनी कंपनी को नेटफ्लिक्स और डिज्नी की बड़ी प्रतिद्वंद्वी बनाना चाहते हैं।
नहीं हुई डील तो पैरामाउंट देगी 7 अरब डॉलर की टर्मिनेशन फीस
पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी की डील कंप्लीट होने के बाद बनने वाली कंपनी में 15,000 से ज्यादा टाइटल और "गेम ऑफ थ्रोन्स," "मिशन इम्पॉसिबल," "हैरी पॉटर," और DC यूनिवर्स जैसी पॉपुलर फ्रेंचाइजी की फिल्म लाइब्रेरी होगी। पैरामाउंट ने यह भी पेशकश की है कि अगर डील रेगुलेटरी वजहों से पूरी नहीं हो पाती है, तो वह 7 अरब डॉलर की रेगुलेटरी टर्मिनेशन फीस देगी। पैरामाउंट स्काईडांस के CEO डेविड एलिसन, ओरेकल के फाउंडर लैरी एलिसन के बेटे हैं।
वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी इंक के टीवी, फिल्म स्टूडियोज और स्ट्रीमिंग डिवीजन को खरीदने की रेस में पहले नेटफ्लिक्स भी शामिल थी। लेकिन फिर वह पीछे हट गई। नेटफ्लिक्स ने वार्नर ब्रदर्स के स्टूडियो और स्ट्रीमिंग बिजनेस के लिए 27.75 डॉलर प्रति शेयर या 82.7 अरब डॉलर की बोली लगाई थी।