आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप Perplexity ने गूगल के क्रोम ब्राउजर को 34.5 अरब डॉलर में खरीदने का औपचारिक प्रस्ताव दिया है। Perplexity ने बताया कि खरीदारी का यह बिना मांगा (unsolicited) प्रस्ताव Alphabet Inc. की सहायक कंपनी गूगल को भेजा गया। हाल ही में Perplexity के प्रतिद्वंदी एआई स्टार्टअप OpenAI ने भी क्रोम को खरीदने में दिलचस्प जताई थी। बता दें कि Perplexity की वैल्यूएशन फिलहाल करीब $18 बिलियन है। यानी कंपनी ने क्रोम को खरीदने के लिए अपने वैल्यूएशन से करीब दुगुना बोली लगाई है। AI सर्च कंपनी के प्रवक्ता जेसी ड्वायर के ने इसे ब्राउजर बाजार में विस्तार करने की अपनी लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा बताया है।
क्या गूगल क्रोम बिक रहा है?
इसका जवाब थोड़ा जटिल है। अमेरिका में गूगल क्रोम के खिलाफ एंटीट्रस्ट यानी दबदबे के दुरुपयोग का मामला चल रहा है। इसमें गूगल पर कुछ प्रतिबंध लगने की आशंका है। अगर आखिरी फैसला गूगल के खिलाफ आता है, तो उससे क्रोम को बेचने के लिए भी कहा जा सकता है।
पिछले साल एक संघीय न्यायाधीश ने गूगल को इंटरनेट सर्च में गैरकानूनी एकाधिकार रखने का दोषी पाया था। अमेरिकी सरकार ने इसके बाद गूगल को क्रोम ब्राउजर बेचने और प्रतिद्वंद्वियों को सर्च डेटा उपलब्ध कराने जैसे उपाय सुझाए। इस मामले में अमेरिकी जिला न्यायाधीश अमित मेहता जल्द ही अंतिम फैसला सुना सकते हैं।
Perplexity का प्लान क्या है?
सैन फ्रांसिस्को स्थित Perplexity ने इस साल की शुरुआत में 100 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई थी। इससे कंपनी का वैल्यूएशन 18 अरब डॉलर तक पहुंचा। Perplexity के चीफ बिजनेस ऑफिसर दिमित्री शेवलेन्को ने कहा, “कई बड़े निवेश फंड्स ने इस लेनदेन के लिए पूरी फंडिंग देने पर सहमति दी है।”
Perplexity ने भरोसा दिया कि क्रोम में कोई 'गुप्त बदलाव' (stealth modifications) नहीं किए जाएंगे, ताकि यूजर्स और विज्ञापनदाताओं के लिए स्थिरता बनी रहे।
TikTok को भी खरीदने कोशिश
यह पहली बार नहीं है, जब Perplexity ने किसी बड़ी इंटरनेट प्रॉपर्टी के लिए बोली लगाई हो। इस साल कंपनी ने TikTok को भी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी, जिसे टिकटॉक को अमेरिका में संभावित बैन से बचाने का प्रयास माना गया।
कंपनी जल्द ही Comet नाम का एआई-पावर्ड ब्राउजर लॉन्च करने वाली है। गूगल से डील मंजूर होने पर क्रोम और क्रोमियम में अगले दो वर्षों में 3 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना है। इसके साथ ही क्रोम टीम के बड़े हिस्से को नियुक्त किया जाएगा।
Perplexity का प्रस्ताव गूगल के लिए किसी भी प्रकार की इक्विटी हिस्सेदारी शामिल नहीं करता, ताकि एंटीट्रस्ट से जुड़ी आशंकाएं न बढ़ें।