साइबराबाद की पुलिस ने हाल ही में एक व्यक्ति को फोनपे (PhonePe), पेटीएम (Paytm), एमेजॉन (Amazon), बायजूस (Byju's) और यूट्यूब (YouTube) जैसी कंपनियों के करीब 67 करोड़ यूजर्स के कथित रूप से गोपनीय डेटा बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। हालांकि इस खबर के बाद फोनपे ने अपने प्लेटफॉर्म से किसी भी तरह के डेटा लीक के दावे से इनकार किया है। बता दें कि साइबराबाद, हैदराबाद की 3 पुलिस कमिश्नरी में से एक है। मनीकंट्रोल को दिए एक बयान में PhonePe के एक प्रवक्ता ने कहा, "फोनपे से कोई भी डेटा लीक नहीं हुआ है। हम कानूनी एजेंसियों के साथ मिलकर काम रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हम अपने ग्राहकों को इन सोशल इंजीनियरिंग धोखाधड़ियों के बारे में कैसे जागरुक कर सकें।"
प्रवक्ता ने कहा, "अभी जिस डेटा लीक के बारे में खबरें आ रही हैं, उसे थर्ड-पार्टी स्रोतों के जरिए तैयार किया गया है और यह PhonePe से जुड़ा नहीं है।"
मनीकंट्रोल ने कंपनी से फिर से यह संपर्क कर जानने की कोशिश की है कि ये थर्ड-पार्टी के डेटा स्रोत कौन या क्या हो सकते हैं और वे इस तरह के डेटा को कैसे बनाते या हासिल करते हैं। इसके अलावा मनीकंट्रोल ने उन बाकी कंपनियों से भी संपर्क किया है, जिनका नाम साइबराबाद पुलिस ने लिया है। जवाब मिलने पर दोबारा खबर प्रकाशित की जाएगी।
साइबराबाद पुलिस ने बीते 2 अप्रैल को हरियाणा के फरीदाबाद में रहने वाले विनय भारद्वाज नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया। शख्स पर आरोप है कि वह कथित रूप से इंस्पायरवेब्ज नामक एक वेबसाइट पर इन डेटा को बेच रहा था और इसे क्लाउड ड्राइव लिंक के जरिए बांटा जा रहा था।
पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि भारद्वाज के डेटाबेस में करीब 1.8 लाख फोनपे यूजर्स के डेटा शामिल हैं। इसमें ग्राहक का नाम, बैंक, पर्सनल ईमेल आईडी, फोनपे नंबर, पता और शहर आदि चीजें शामिल हैं।
प्रवक्ता ने कहा, "फोनपे ऐप पूरी तरह से सुरक्षित है और हमने अपने प्लेटफॉर्म पर कोई डेटा उल्लंघन नहीं देखा है। कृपया आश्वस्त रहें कि हम अपने प्लेटफॉर्म पर हर लेनदेन को सुरक्षित बनाने के लिए कई सुरक्षा उपाय करते हैं।"